मुंबई के छत्रपति शिवाजी महाराज अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर अधिकारियों ने एक 36 वर्षीय बांग्लादेशी नागरिक को गिरफ्तार किया। आरोपी कथित रूप से फर्जी भारतीय दस्तावेजों के आधार पर कई वर्षों से भारत में रह रहा था। वह श्रीलंका की राजधानी कोलंबो से लौटते समय आव्रजन जांच के दौरान अधिकारियों के संदेह में आया। पुलिस ने उसकी पहचान बाबू बिस्वास उर्फ तपस बिस्वास के रूप में की। अधिकारियों ने बताया कि उसके बोलने के लहजे ने प्रारंभिक जांच के दौरान संदेह पैदा किया। पूछताछ में वह अपनी भारतीय पहचान से जुड़े सवालों के संतोषजनक जवाब नहीं दे सका। इसके बाद अधिकारियों ने उसे विस्तृत पूछताछ के लिए हिरासत में ले लिया। पुलिस जांच के अनुसार आरोपी वर्ष 2016 में पश्चिम बंगाल सीमा के रास्ते अवैध रूप से भारत में दाखिल हुआ।
नागरिक की पहचान, गिरोह की तलाश जारी
वह परिवार सहित पश्चिम बंगाल के नदिया जिले में रहने लगा और कोलकाता में दिहाड़ी मजदूरी करता रहा। स्थानीय लोगों की मदद से उसने आधार कार्ड और पैन कार्ड बनवा लिए। बाद में इन्हीं दस्तावेजों के आधार पर उसने वर्ष 2019 में कोलकाता पासपोर्ट कार्यालय से भारतीय पासपोर्ट हासिल किया। जांच में पुलिस को पता चला कि आरोपी ने फर्जी तरीके से हासिल किए गए भारतीय पासपोर्ट का इस्तेमाल कई विदेश यात्राओं के लिए किया। वह वर्ष 2023 में दो बार मालदीव और कम से कम एक बार श्रीलंका की राजधानी कोलंबो गया। इन यात्राओं के दौरान किसी भी आव्रजन अधिकारी को उसकी पहचान पर संदेह नहीं हुआ।
हालांकि, कोलंबो से मुंबई लौटने पर आव्रजन जांच के दौरान उसकी गतिविधियों ने अधिकारियों का ध्यान खींचा। आरोपी ने काउंटर पर भारतीय पासपोर्ट और बोर्डिंग पास प्रस्तुत किया, लेकिन सहायक आव्रजन अधिकारी को उसके उच्चारण और जवाबों पर संदेह हुआ।
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बांग्लादेशी घुसपैठिया गिरफ्तार
अधिकारियों ने उसे विस्तृत पूछताछ के लिए रोका, जहां उसने स्वीकार किया कि वह मूल रूप से बांग्लादेश के फरीदपुर जिले का निवासी है। पूछताछ के दौरान उसने अपनी पत्नी से व्हाट्सऐप पर पहचान संबंधी दस्तावेज मंगवाए। उसकी पत्नी ने बांग्लादेश में उसके पिता के नाम दर्ज जमीन के मालिकाना दस्तावेज भेजे, जिनसे उसके बांग्लादेशी नागरिक होने की पुष्टि हो गई।
सहार पुलिस ने आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच तेज कर दी है। पुलिस अब उन एजेंटों और सहयोगियों की पहचान करने में जुटी है, जिन्होंने फर्जी आधार कार्ड, पैन कार्ड और भारतीय पासपोर्ट बनवाने में उसकी मदद की। जांच दल यह भी पता लगा रहा है कि आरोपी कई वर्षों तक भारत में अवैध रूप से कैसे रह रहा था और किन लोगों के सहयोग से उसने विदेश यात्राएं कीं। पुलिस उसके पूरे नेटवर्क और दस्तावेज तैयार करने वाले गिरोह की भी जांच कर रही है। इस बीच मुंबई अपराध शाखा ने हाल ही में शहर के विभिन्न इलाकों से पकड़े गए 53 अवैध बांग्लादेशी नागरिकों को उनके देश वापस भेजने की प्रक्रिया भी तेज कर दी है।
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