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    मुंबईPassenger train crossing a viaduct at Shindawane near Pune India.

    मुंबई लोकल ट्रेन में भारी बारिश के दौरान हुए विवाद ने एक युवक की जान ले ली। देर रात फर्स्ट क्लास डिब्बे में दरवाज़ा बंद करने को लेकर यात्रियों के बीच बहस शुरू हुई। मृतक की पहचान विरार निवासी मयंक लोहार के रूप में हुई, जो निजी कंपनी में कार्यरत थे। जानकारी के अनुसार, तेज बारिश के कारण ट्रेन के अंदर लगातार पानी भर रहा था उस दौरान। मयंक ने आरोपी यात्री से डिब्बे का दरवाज़ा बंद करने के लिए कहा था, जिससे विवाद बढ़ा। बहस अचानक हिंसक हो गई और आरोपी ने गुस्से में आकर मयंक पर चाकू से हमला किया।

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    मुंबई: दरवाज़ा बंद करने को लेकर शुरू हुआ विवाद बना जानलेवा

    रेलवे पुलिस के अनुसार, घटना चर्चगेट से रवाना हुई ट्रेन संख्या 90663 में देर रात हुई थी। मयंक लोहार और आरोपी दोनों फर्स्ट क्लास कोच में अंधेरी से बोरीवली के बीच सफर कर रहे थे। यात्रियों ने बताया कि बहस के दौरान आरोपी और मयंक के बीच तीखी कहासुनी लगातार बढ़ती चली गई। कुछ यात्रियों ने आरोपी को शांत करने का प्रयास किया, लेकिन स्थिति अचानक नियंत्रण से बाहर हुई। गुस्से में आरोपी ने अपने बैग से चाकू निकाला और मयंक के पेट पर हमला किया। गंभीर रूप से घायल मयंक को तुरंत अस्पताल ले जाया गया, जहां उपचार के दौरान उनकी मृत्यु हुई।

    पुलिस अधिकारियों ने बताया कि हमला करने के बाद आरोपी चलती ट्रेन से कूदकर मौके से फरार हो गया। बोरीवली स्टेशन पहुंचने से पहले आरोपी प्लेटफॉर्म नंबर छह के पास ट्रेन से नीचे उतर गया था। रेलवे पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज करके आरोपी की तलाश के लिए विशेष जांच अभियान शुरू किया। जांचकर्ताओं ने आरोपी को पकड़ने के लिए छह अलग-अलग टीमों का गठन तुरंत किया है। पुलिस अब रेलवे स्टेशनों के सीसीटीवी फुटेज खंगालकर आरोपी की गतिविधियों की लगातार जांच कर रही है। अधिकारियों ने प्रत्यक्षदर्शी यात्रियों से भी संपर्क शुरू किया, जिन्होंने घटना को अपनी आंखों से देखा था।

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    रेलवे सुरक्षा पर उठे सवाल, जांच में जुटी पुलिस

    मयंक लोहार विरार के निवासी थे और अंधेरी स्थित निजी कंपनी में सेल्समैन के रूप में कार्यरत थे। घटना के समय मयंक अपना काम पूरा करके लोकल ट्रेन से घर वापस लौट रहे थे देर रात। उनके परिवार में माता-पिता, एक बहन और तीन भाई शामिल हैं, जिनपर दुखों का पहाड़ टूटा। परिजनों ने घटना के बाद आरोपी की तत्काल गिरफ्तारी और कड़ी सजा की मांग सार्वजनिक रूप से उठाई। पुलिस अधिकारियों ने परिवार को जल्द आरोपी पकड़ने का आश्वासन देते हुए जांच तेज करने की बात कही। इस घटना ने मुंबई लोकल ट्रेनों में यात्रियों की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े किए हैं।

    यह घटना इस वर्ष वेस्टर्न रेलवे नेटवर्क पर हुई दूसरी गंभीर चाकूबाजी की वारदात बन चुकी है। इससे पहले फरवरी महीने में मलाड स्टेशन पर कॉलेज लेक्चरर आलोक सिंह पर हमला हुआ था। उस मामले में यात्रियों के बीच बहस के बाद आरोपी ओंकार शिंदे ने चाकू मारकर हमला किया। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया था और मामला अदालत पहुंचाया था। लगातार बढ़ती ऐसी घटनाओं ने मुंबई लोकल ट्रेनों में सुरक्षा बढ़ाने की मांग फिर तेज कर दी। रेलवे पुलिस अब ट्रेनों और प्लेटफॉर्म पर अतिरिक्त निगरानी बढ़ाने की योजना पर काम कर रही है।

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