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भोपाल में ट्विशा शर्मा की मौत के बाद परिवार ने हत्या का आरोप लगाकर जांच तेज़ कराने की मांग उठाई। हालांकि, ससुराल पक्ष लगातार दावा करता रहा कि ट्विशा मानसिक और चिकित्सकीय समस्याओं से गुजर रही थीं। इसके अलावा, पुलिस ने पति समर्थ सिंह और सास गिरिबाला सिंह पर दहेज प्रताड़ना का मामला दर्ज किया। वहीं, शुरुआती पोस्टमार्टम रिपोर्ट में दम घुटने से मौत बताई गई, लेकिन शरीर पर चोटें दर्ज हुईं। परिवार ने आरोप लगाया कि घटना के बाद सबूतों से छेड़छाड़ करके मामले का रुख बदलने की कोशिश हुई। इस बीच, पुलिस ने छह सदस्यीय एसआईटी बनाकर मामले की हर दिशा से जांच शुरू कर दी है।
ट्विशा शर्मा के पिता नवनिधि शर्मा लगातार कहते रहे कि उनकी बेटी आत्महत्या जैसा कदम कभी नहीं उठाती। उन्होंने दावा किया कि शादी के बाद ससुराल पक्ष ने ट्विशा को मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित किया। इसके साथ ही, परिवार ने आरोप लगाया कि दहेज देने बावजूद ट्विशा को लगातार ताने सुनने पड़ते थे। व्हाट्सऐप चैट्स में भी ट्विशा ने मां से घुटन और प्रताड़ना की शिकायत कई बार साझा की थी। परिवार के मुताबिक, मई महीने में कथित दबाव बनाकर ट्विशा का गर्भपात भी कराया गया था। इसके बाद, पिता ने सवाल उठाया कि घटना वाली रात पुलिस को तुरंत सूचना आखिर क्यों नहीं दी गई।
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भोपाल में ट्विशा शर्मा मौत मामले की जांच तेज
दूसरी तरफ, सेवानिवृत्त जज गिरिबाला सिंह ने प्रेस कॉन्फ्रेंस करके सभी आरोपों को पूरी तरह खारिज किया। उन्होंने कहा कि ट्विशा और समर्थ सिंह ने अपनी मर्जी से शादी की थी और परिवार सहमत था। हालांकि, गिरिबाला सिंह ने दावा किया कि ट्विशा मानसिक तनाव और चिकित्सकीय समस्याओं का इलाज करवा रही थीं। इसके अलावा, उन्होंने कहा कि अग्रिम जमानत मिलने का संबंध उनके न्यायिक करियर से बिल्कुल नहीं है। वहीं, कोर्ट ने मुख्य आरोपी समर्थ सिंह की अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी और पुलिस तलाश जारी रखी। फिलहाल, समर्थ सिंह फरार बताए जा रहे हैं जबकि पुलिस उनकी गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दे रही है।
मामले की जांच कर रहे एसीपी रजनीश कश्यप कौल ने भोपाल में कहा कि सभी सबूतों की गंभीरता से जांच चल रही है। उन्होंने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में दर्ज चोटों और कथित चैट्स को जांच का महत्वपूर्ण हिस्सा बनाया गया है। इसके अलावा, पुलिस ने अदालत में साक्ष्यों से छेड़छाड़ की आशंका का भी स्पष्ट रूप से उल्लेख किया था। पुलिस के मुताबिक, घटना के बाद तत्काल सूचना नहीं देना भी जांच एजेंसियों के लिए बड़ा सवाल बना हुआ। वहीं, परिवार ने नए पोस्टमार्टम की मांग करते हुए एम्स दिल्ली जैसे स्वतंत्र संस्थान में जांच चाही है। अब यह मामला दहेज प्रताड़ना, हिंसा और कथित हत्या के आरोपों के कारण राष्ट्रीय चर्चा बन चुका है।
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