• Wed. Oct 7th, 2026

    खाकी का सपना: साड़ी में नंगे पांव दौड़ी कविता महतो, 6 मिनट में पूरी की 1600 मीटर रेस

    1600 मीटर

    झारखंड के रामगढ़ जिले में होमगार्ड भर्ती की तैयारी के दौरान कविता महतो की 1600 मीटर दौड़ ने सभी का ध्यान खींच लिया। कविता ने नीली साड़ी पहनकर और नंगे पांव दौड़ लगाई। दौड़ के लिए उनके पास न स्पोर्ट्स ड्रेस थी और न ही जूते। इसके बावजूद उन्होंने करीब 6 मिनट में 1600 मीटर की दूरी पूरी कर ली। उनके इस जज्बे की वहां मौजूद लोगों ने जमकर तारीफ की।

    Also Read : इंडिगो की उड़ानें हुईं महंगी, दिल्ली-मुंबई समेत इन शहरों के किराए बढ़े

    शारीरिक परीक्षा की तैयारी में दिखा जबरदस्त जज्बा

    अंकित रणुर डिफेंस एकेडमी में अभ्यर्थी शारीरिक परीक्षा की तैयारी कर रहे थे। इसी दौरान कविता महतो भी ट्रायल देने पहुंचीं। उन्होंने बिना किसी विशेष तैयारी के कपड़ों और बिना जूतों के दौड़ शुरू की। साड़ी में नंगे पांव दौड़ती कविता को देखकर वहां मौजूद लोगों का ध्यान उनकी ओर चला गया। उन्होंने पूरी लगन के साथ दौड़ पूरी करके अपनी मेहनत का परिचय दिया।

    महिला अभ्यर्थियों के लिए 1600 मीटर दौड़ पूरी करने की समय सीमा 10 मिनट निर्धारित है। वहीं, 8 मिनट में दौड़ पूरी करने वाले अभ्यर्थियों को उत्कृष्ट श्रेणी में रखा जाता है। कविता महतो ने करीब 6 मिनट में यह दूरी पूरी करके तय समय से काफी बेहतर प्रदर्शन किया। उनके प्रदर्शन ने ट्रायल में मौजूद दूसरे अभ्यर्थियों को भी प्रभावित किया। उनकी मेहनत और आत्मविश्वास की सभी ने सराहना की।

    Also Read : Virat Kohli’s Team Denies ₹5 Crore Payment Claim for Premanand Ashram Visit, Calls Report Baseless

    सीमित संसाधनों के बावजूद नहीं छोड़ा सपना

    कविता के पास दौड़ने के लिए स्पोर्ट्स ड्रेस और जूते नहीं थे, लेकिन उन्होंने इन कमियों को अपनी राह में बाधा नहीं बनने दिया। उन्होंने साड़ी में ही नंगे पांव दौड़ लगाई और शानदार प्रदर्शन किया। उनकी दौड़ का वीडियो और तस्वीरें सोशल मीडिया पर भी चर्चा में हैं। संस्थान के पदाधिकारियों ने उनके प्रयास की सराहना करते हुए उन्हें सम्मानित किया। उनकी कहानी अब दूसरे अभ्यर्थियों के लिए भी प्रेरणा बन रही है।

    कविता महतो ने दिखाया कि मजबूत इरादे और मेहनत के सामने संसाधनों की कमी भी छोटी पड़ सकती है। उनका लक्ष्य खाकी वर्दी पहनकर सरकारी सेवा में जाना है। उनके प्रदर्शन ने वहां मौजूद कई अभ्यर्थियों का हौसला बढ़ाया। सीमित साधनों के बावजूद उन्होंने अपनी क्षमता साबित की। कविता की यह कोशिश मेहनत और दृढ़ संकल्प की मिसाल बन गई है।

    Also Read : इंडिगो की उड़ानें हुईं महंगी, दिल्ली-मुंबई समेत इन शहरों के किराए बढ़े

    Share With Your Friends If you Loved it!

    By tina

    Leave a Reply

    Your email address will not be published. Required fields are marked *