तमिलनाडु सरकार ने स्वास्थ्य, दुग्ध उत्पादन और चिकित्सा शिक्षा को लेकर कई महत्वपूर्ण फैसले किए हैं। सरकार ने CM व्यापक स्वास्थ्य बीमा योजना की वार्षिक इलाज सीमा बढ़ाने का प्रस्ताव विधानसभा में रखा है। इस प्रस्ताव के तहत लाभार्थियों को अब पांच लाख रुपये की जगह पच्चीस लाख रुपये मिलेंगे। सरकार का मानना है कि बढ़ी सीमा गंभीर बीमारियों के इलाज में आर्थिक मदद करेगी। इस फैसले से राज्य के लाखों परिवारों को बेहतर स्वास्थ्य सुरक्षा मिलने की उम्मीद है। सरकार ने दूध उत्पादकों को राहत देते हुए खरीद मूल्य में तीन रुपये बढ़ाए हैं। अब दूध उत्पादकों को प्रति लीटर अड़तीस रुपये के बजाय इकतालीस रुपये मिलेंगे। सरकार ने उत्पादकों का प्रोत्साहन भी तीन रुपये से बढ़ाकर पांच रुपये प्रति लीटर किया।
CM हेल्थ इंश्योरेंस कवर ₹5 लाख से बढ़कर ₹25 लाख, दूध उत्पादकों को भी राहत
दूध खरीद मूल्य बढ़ने से राज्य के लगभग तीन लाख सोलह हजार उत्पादकों को फायदा मिलेगा। सरकार के अनुसार नई दर से दुग्ध उत्पादकों की आमदनी बढ़ाने में मदद मिलेगी। सरकार ने प्रोत्साहन राशि बढ़ाकर पशुपालकों को उत्पादन जारी रखने के लिए अतिरिक्त प्रोत्साहन दिया है। खरीद मूल्य बढ़ाने के कारण सरकार को हर महीने लगभग तीस करोड़ रुपये अतिरिक्त खर्च होंगे। इस फैसले से सरकार पर सालाना लगभग तीन सौ साठ करोड़ रुपये का अतिरिक्त वित्तीय भार पड़ेगा। सरकार ने स्वास्थ्य बीमा योजना में इलाज की वार्षिक सीमा पांच गुना बढ़ाने का प्रस्ताव रखा। नई सीमा लागू होने पर पात्र लोगों को उपचार के लिए अधिक वित्तीय सुरक्षा मिलेगी। सरकार ने ट्रांसजेंडर लोगों के लिए अतिरिक्त मेडिकल और सर्जिकल सेवाएं भी योजना में शामिल की हैं। चेन्नई, तिरुनेलवेली, तूतीकोरिन और चेंगलपट्टू के सरकारी अस्पतालों में ये सुविधाएं उपलब्ध होंगी।
तमिलनाडु सरकार ने मेडिकल और नर्सिंग शिक्षा मजबूत करने के लिए तीन सौ इक्यावन करोड़ रुपये मंजूर किए हैं। इस राशि से सरकारी मेडिकल कॉलेजों में कुल छह हजार अट्ठानवे अतिरिक्त सीटें बढ़ाई जाएंगी। सरकार बीएससी नर्सिंग में छह सौ साठ नई सीटें जोड़ने की योजना बना रही है। नर्सिंग कॉलेजों और स्कूलों में कुल एक हजार नौ सौ पच्चीस सीटें बढ़ाई जाएंगी। बारह पैरामेडिकल पाठ्यक्रमों में दो हजार सात सौ अठहत्तर अतिरिक्त सीटें उपलब्ध कराई जाएंगी। सरकार मेडिकल पाठ्यक्रमों में भी सात सौ पैंतीस नई सीटें बढ़ाने की योजना बना रही है। इसके अलावा राज्य में सात नए सरकारी नर्सिंग कॉलेज स्थापित करने का फैसला लिया गया है। सरकार इन कदमों से स्वास्थ्य क्षेत्र के लिए प्रशिक्षित मानव संसाधन तैयार करना चाहती है। नई सीटों से विद्यार्थियों को चिकित्सा और नर्सिंग शिक्षा में अधिक अवसर मिलने की उम्मीद है।
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मेडिकल शिक्षा के लिए ₹351 करोड़ मंजूर, पेरम्बलूर में बनेगा 400 बेड का अस्पताल
सरकार ने पेरम्बलूर में चार सौ बेड का मल्टीस्पेशियलिटी अस्पताल बनाने की योजना को मंजूरी दी है। इस अस्पताल के निर्माण पर सरकार करीब तीन सौ करोड़ रुपये खर्च करेगी। नया अस्पताल क्षेत्र के लोगों को आधुनिक चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। अस्पताल में मरीजों को विभिन्न विशेषज्ञताओं के तहत बेहतर उपचार सुविधाएं मिलने की उम्मीद है। सरकार ने स्वास्थ्य ढांचे को मजबूत करने के लिए चिकित्सा संस्थानों का विस्तार करने पर जोर दिया है। नई स्वास्थ्य सुविधाएं बढ़ने से मरीजों को इलाज के लिए दूर नहीं जाना पड़ेगा। सरकार ने अस्पताल निर्माण के साथ मेडिकल शिक्षा के विस्तार को भी प्राथमिकता दी है। इन योजनाओं से राज्य में स्वास्थ्य सेवाओं की क्षमता बढ़ाने में मदद मिलने की संभावना है।
मुख्यमंत्री विजय ने विधानसभा में विधायकों के लिए सरकारी वाहन उपलब्ध कराने का भी ऐलान किया है। सरकार का कहना है कि वाहनों से विधायक अपने क्षेत्रों में आसानी से आवागमन कर सकेंगे। सरकार इस सुविधा से विधायकों को जनसेवा के काम अधिक प्रभावी ढंग से करने में मदद देगी। विधायक अपने क्षेत्रों में विकास कार्यों और स्थानीय समस्याओं पर तेजी से काम कर सकेंगे। सरकार ने स्वास्थ्य और दुग्ध क्षेत्र के साथ जनप्रतिनिधियों की सुविधा पर भी ध्यान दिया है। इन घोषणाओं से सरकार ने विभिन्न वर्गों के लिए कई योजनाओं का विस्तार किया है। स्वास्थ्य बीमा सीमा बढ़ने से गंभीर उपचार के दौरान परिवारों का आर्थिक बोझ कम हो सकता है। दूध खरीद मूल्य बढ़ने से उत्पादकों को अपनी मेहनत का बेहतर पारिश्रमिक मिलने की उम्मीद है। मेडिकल शिक्षा में नई सीटें बढ़ने से राज्य को भविष्य में अधिक स्वास्थ्यकर्मी मिलेंगे।

