स्वान डिफेंस एंड हैवी इंडस्ट्रीज लिमिटेड को एनर्जी वन लिमिटेड से चार 92,500 डीडब्ल्यूटी क्षमता वाले डुअल-फ्यूल अमोनिया बल्क कैरियर बनाने का कैटेगरी-4 ऑर्डर मिला है। इस खबर के बाद कंपनी के शेयरों में तेज उछाल देखा गया और बीएसई पर स्टॉक 5 प्रतिशत के अपर सर्किट के साथ 1703.45 रुपये के इंट्रा-डे हाई तक पहुंच गया। खास बात यह है कि ये भारत में बनने वाले पहले अमोनिया डुअल-फ्यूल जहाज होंगे। कंपनी को पहला जहाज अक्टूबर 2029 तक डिलीवर करने की उम्मीद है, जबकि बाकी जहाजों की डिलीवरी हर चार महीने के अंतराल पर की जाएगी।
हर डुअल-फ्यूल जहाज की लंबाई करीब 229.5 मीटर और चौड़ाई 37 मीटर होगी, जिनमें अत्याधुनिक अमोनिया आधारित प्रोपल्शन सिस्टम लगाया जाएगा, जिससे ये पर्यावरण के अनुकूल और ईंधन दक्ष बनेंगे। इन जहाजों का डिजाइन दक्षिण कोरिया की केएमएस-ईएमईसी द्वारा तैयार किया जाएगा, जो इस क्षेत्र की विशेषज्ञ कंपनी मानी जाती है। वहीं, इनका वर्गीकरण दुनिया की प्रमुख क्लास सोसाइटी में शामिल डेट नॉर्स्क वेरिटास (डीएनवी) करेगी, जिससे जहाजों की गुणवत्ता और अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित होगा।
डिफेंस सेक्टर में बड़ी उपलब्धि, स्वान को ग्लोबल भरोसे का संकेत
स्वान डिफेंस एंड हैवी इंडस्ट्रीज लिमिटेड के डायरेक्टर विवेक मर्चेंट ने कहा कि यह प्रोजेक्ट कंपनी के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है और इसके जरिए भविष्य की दिशा को मजबूती मिलेगी। उन्होंने बताया कि यह ऑर्डर भारत के शिपबिल्डिंग सेक्टर और पिपावाव में विकसित कंपनी की क्षमताओं पर वैश्विक स्तर पर बढ़ते भरोसे को दर्शाता है। उन्होंने आगे कहा कि समुद्री ईंधन के रूप में अमोनिया अभी शुरुआती चरण में है, लेकिन इस बदलाव का हिस्सा बनना कंपनी के लिए गर्व की बात है। उनके अनुसार, कंपनी ऐसे जहाजों का निर्माण कर रही है जो न केवल वर्तमान जरूरतों को पूरा करते हैं, बल्कि उद्योग के भविष्य के अनुरूप भी हैं।
बीते छह महीनों में स्वान डिफेंस के शेयरों में करीब 154 प्रतिशत की तेजी दर्ज की गई है। वहीं, पिछले एक साल में कंपनी के शेयरों ने 1602 प्रतिशत का जबरदस्त रिटर्न दिया है। इसके अलावा, तीन साल की अवधि में यह डिफेंस स्टॉक निवेशकों को लगभग 89,555 प्रतिशत का असाधारण रिटर्न देने में सफल रहा है।
इस तेज उछाल ने बाजार में निवेशकों का ध्यान अपनी ओर खींचा है और स्टॉक को मल्टीबैगर श्रेणी में शामिल कर दिया है। हालांकि, विश्लेषकों का मानना है कि इतनी तेज बढ़त के बाद निवेशकों को सतर्क रहकर निवेश फैसले लेने चाहिए।
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