फॉक्स न्यूज की रिपोर्ट में 13 देशों के 101 संगठनों पर अंतरराष्ट्रीय विरोध प्रदर्शनों के बीच समन्वय का आरोप लगाया गया है। रिपोर्ट के मुताबिक, यह नेटवर्क फ्रांस से भारत तक आंदोलनों के संदेशों और अभियानों को जोड़ता है।
इनमें वामपंथी समूह, छात्र संगठन, ट्रेड यूनियनें और एडवोकेसी नेटवर्क शामिल बताए गए हैं। हालांकि, समन्वय के इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि जरूरी है। पत्रकार असरा क्यू नोमानी की जांच के अनुसार, ‘ग्लोबल प्रोटेस्ट इकोसिस्टम’ स्थानीय मुद्दों को अंतरराष्ट्रीय चर्चा से जोड़ता है। रिपोर्ट के मुताबिक, संबंधित संगठन सोशल मीडिया पोस्ट, नारे और राजनीतिक संदेश साझा करते हैं। इससे विभिन्न देशों के आंदोलनों के बीच संपर्क और सहयोग बढ़ सकता है।
फॉक्स न्यूज का दावा: 13 देशों के 101 संगठनों के नेटवर्क से जुड़े भारत-फ्रांस के प्रदर्शन
हालांकि, समान नारे या समय किसी गुप्त योजना का ठोस प्रमाण नहीं हैं। फिर भी, फॉक्स न्यूज की रिपोर्ट में ‘Chaos Inc’ नेटवर्क का जिक्र है। रिपोर्ट के मुताबिक, इससे जुड़े संगठनों की संख्या पहले 50, फिर 54 और अब 101 बताई गई है। इसके अलावा, इसमें ‘इंडियन अलायंस पेरिस’ भी शामिल है, जिसने भारत और फ्रांस के युवा प्रदर्शनकारियों का समर्थन किया। इसी तरह, ‘प्रोग्रेसिव इंटरनेशनल’ ने फ्रांस, स्पेन, भारत और अल्बानिया के प्रदर्शनों पर ब्रीफिंग आयोजित की। वहीं, भारत में कुछ प्रदर्शनकारी चुनाव आयोग और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विरोध कर रहे हैं।
इसी बीच, रिपोर्ट ने नेविल रॉय सिंघम से जुड़े बताए गए समूहों का भी उल्लेख किया। इनमें ‘ब्रेकथ्रू न्यूज़’, ‘कोडपिंक’ और ‘पार्टी फॉर सोशलिज्म एंड लिबरेशन’ शामिल हैं। रिपोर्ट का आरोप है कि इन समूहों ने मीडिया कवरेज और ऑनलाइन अभियानों के जरिए प्रदर्शनों को बढ़ावा दिया। इसके अलावा, ‘ट्राइकॉन्टिनेंटल’ के विजय प्रशांत ने पेरिस, नई दिल्ली और ब्यूनस आयर्स के आंदोलनों में समानताएं बताईं। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि जरूरी है। इसलिए, रिपोर्ट के दावों और प्रमाणित तथ्यों के बीच अंतर करना महत्वपूर्ण है।

