पश्चिम बंगाल के दुर्गापुर स्थित गढ़ जंगल में अष्टमी की रात एक युवक का शव फंदे से लटकता मिला। स्थानीय लोगों ने श्यामरूपा मंदिर के पास शव देखा और तुरंत पुलिस को सूचना दी। मृतक की पहचान 33 वर्षीय लक्ष्मीराम मांडी के रूप में हुई है। उसके गले में लाल कपड़ा लिपटा हुआ था और उसने लाल धोती व सफेद गंजी पहन रखी थी। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शव को कब्जे में लिया और पोस्टमार्टम के लिए दुर्गापुर महकमा अस्पताल भेज दिया।
रविवार शाम से लापता था युवक
लक्ष्मीराम मांडी पश्चिम बंगाल के कांकसा ब्लॉक की बनकाटी ग्राम पंचायत के डांगाल इलाके का निवासी था। स्थानीय लोगों के अनुसार, वह रविवार शाम से अचानक लापता हो गया था। काफी देर तक घर नहीं लौटने पर उसके परिवार ने उसकी तलाश शुरू की। परिजनों ने परिचितों के घरों और आसपास के इलाकों में उसे खोजा, लेकिन कोई जानकारी नहीं मिली। अगले दिन जंगल में उसका शव मिलने की खबर से परिवार और स्थानीय लोग सदमे में आ गए।
सोमवार को स्थानीय लोगों ने श्यामरूपा मंदिर के पास जंगल में युवक का शव लटकता देखा। शव की स्थिति ने कई सवाल खड़े कर दिए, क्योंकि मृतक के घुटने मुड़े हुए थे और उसके पैर जमीन को छू रहे थे। लोगों ने तुरंत कांकसा के मलानदिघी पुलिस फांड़ी को घटना की जानकारी दी। पुलिसकर्मियों ने घटनास्थल पर पहुंचकर जरूरी कार्रवाई की और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। घटना के बाद इलाके में चर्चा और चिंता का माहौल बन गया।
मौत की वजह जानने के लिए पोस्टमार्टम का इंतजार
पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है, लेकिन अभी तक युवक की मौत के कारणों की पुष्टि नहीं हुई है। अधिकारी यह पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि मामला आत्महत्या का है या इसके पीछे कोई अन्य कारण हो सकता है। पुलिस घटनास्थल की परिस्थितियों और उपलब्ध साक्ष्यों की जांच कर रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट से मौत के कारणों का पता लगाने में मदद मिलेगी। फिलहाल, पुलिस ने किसी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले जांच पूरी करने पर जोर दिया है।

