अंतरराष्ट्रीय तेल बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में करीब 6% की तेज बढ़ोतरी दर्ज हुई। ईरान ने पिछले 24 घंटों में संयुक्त अरब अमीरात ( यूएई ) और मध्य-पूर्व की खाड़ी में जहाजों पर हमले तेज कर दिए, जिससे बाजार में हड़कंप मच गया। अप्रैल की शुरुआत में अमेरिका-ईरान युद्धविराम लागू होने के बाद यह अब तक की सबसे गंभीर स्थिति बन गई है।
ब्रेंट क्रूड 6.27 डॉलर यानी 5.8% उछलकर 114.44 डॉलर प्रति बैरल पर बंद हुआ। वहीं, अमेरिकी वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (WTI) क्रूड 4.48 डॉलर यानी 4.4% बढ़कर 106.42 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया।
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स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में हमले से बढ़ी वैश्विक चिंता
रिपोर्टों के मुताबिक, ईरान ने सोमवार को रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में कई जहाजों को निशाना बनाया और UAE के एक प्रमुख तेल बंदरगाह पर हमला कर आग लगा दी। इन हमलों के बाद क्षेत्र में दहशत फैल गई और वैश्विक तेल आपूर्ति को लेकर चिंता गहरा गई। हमले के दौरान संयुक्त अरब अमीरात, दक्षिण कोरिया और अन्य देशों के कई जहाज प्रभावित हुए।
स्थिति को नियंत्रित करने के लिए अमेरिकी नौसेना ने तुरंत हस्तक्षेप किया और मिसाइल व ड्रोन हमलों को नाकाम करने की कोशिश की। इस घटनाक्रम ने चार सप्ताह पहले घोषित युद्धविराम के बाद सबसे बड़ा सैन्य तनाव पैदा कर दिया।
OPEC+ और UAE ने बढ़ाई सक्रियता
इस बीच, वैश्विक आपूर्ति को संतुलित रखने के लिए OPEC+ ने उत्पादन लक्ष्य बढ़ाने की योजना पर काम तेज कर दिया है। वहीं, संयुक्त अरब अमीरात ने साफ किया कि वह बाजार की जरूरतों को पूरा करने के लिए तैयार है।
विशेषज्ञों का कहना है कि यदि तनाव और बढ़ा तो वैश्विक ऊर्जा बाजारों में अस्थिरता तेज हो सकती है और तेल कीमतों में आगे भी तेजी बनी रह सकती है।
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