• Fri. May 15th, 2026
    बिहार नॉन

    बिहार नॉन-अटेंडिंग कल्चर इस साल CBSE 12वीं के रिजल्ट में बड़ी वजह बनकर सामने आया है। पटना जोन का प्रदर्शन पूरे देश में सबसे कमजोर जोन में शामिल रहा। इस बार केवल 74.45 फीसदी छात्र ही पास हो पाए, जबकि पिछले साल यह आंकड़ा काफी बेहतर था। शिक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि बड़ी संख्या में छात्र इंजीनियरिंग और मेडिकल की तैयारी के लिए कोटा जैसे शहरों में चले जाते हैं और बिहार में सिर्फ नामांकन बनाए रखते हैं। ऐसे छात्र नियमित स्कूल नहीं जाते और केवल बोर्ड परीक्षा की मार्कशीट हासिल करना चाहते हैं। इसी वजह से पढ़ाई का संतुलन बिगड़ रहा है और छात्र बोर्ड परीक्षा में पिछड़ रहे हैं। शिक्षकों का कहना है कि IIT और NEET की तैयारी का तरीका CBSE बोर्ड परीक्षा से पूरी तरह अलग होता है।

    Also Read: बम की अफवाह से अस्पताल में मचा हड़कंप

    बिहार नॉन: कोचिंग और बोर्ड तैयारी में बढ़ा टकराव

    शिक्षकों ने यह भी माना कि सोशल मीडिया और यूट्यूब चैनलों ने छात्रों की पढ़ाई का तरीका बदल दिया है। कई चैनल कुछ दिनों में परीक्षा पास कराने या पेपर से जुड़े सवाल बताने का दावा करते हैं। छात्र नियमित पढ़ाई छोड़कर ऐसे शॉर्टकट पर भरोसा करने लगे हैं। इससे उनकी बुनियादी तैयारी कमजोर हो रही है। कुछ शिक्षकों का कहना है कि परीक्षा के दिन सुबह तक छात्र यूट्यूब पर संभावित सवाल खोजते रहते हैं। जो छात्र पूरे साल पढ़ाई करते हैं उन्हें शायद इससे थोड़ा फायदा मिल जाए, लेकिन सिर्फ ऑनलाइन ट्रिक्स पर निर्भर रहने वाले छात्र पिछड़ जाते हैं। बिहार जैसे राज्यों में कई छात्र इन दावों पर ज्यादा भरोसा कर लेते हैं, जिससे उनका रिजल्ट प्रभावित होता है।

    इस साल केंद्रीय विद्यालय, नवोदय विद्यालय और बड़े पब्लिक स्कूलों का रिजल्ट काफी बेहतर रहा। विशेषज्ञों का कहना है कि इन स्कूलों में नियमित कक्षाएं और अटेंडेंस पर सख्ती रहती है। छात्रों को स्कूल की पढ़ाई के साथ बोर्ड पैटर्न की सही तैयारी कराई जाती है। शिक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि स्कूल और कोचिंग दोनों को एक साथ संभालना हर छात्र के लिए आसान नहीं होता। इसलिए छात्रों और अभिभावकों को संतुलित रणनीति अपनानी चाहिए। नियमित पढ़ाई, पर्याप्त अटेंडेंस और बोर्ड परीक्षा के पैटर्न पर फोकस करने से ही बेहतर परिणाम मिल सकते हैं।

    Also Read: मुंबई इंडियंस ने किया IPL का सबसे बड़ा उलटफेर

    Share With Your Friends If you Loved it!
    One thought on “बिहार नॉन-अटेंडिंग कल्चर से बिगड़ा CBSE रिजल्ट”

    Leave a Reply

    Your email address will not be published. Required fields are marked *