पुणे के हडपसर स्थित उषाकिरण सुपरस्पेशलिटी अस्पताल में मिले संदिग्ध बम जैसे उपकरण मामले में पुलिस ने हत्या के प्रयास का केस दर्ज किया है। अस्पताल कर्मचारी की शिकायत पर अज्ञात आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 109(1) और विस्फोटक पदार्थ अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया। घटना के बाद पूरे इलाके में दहशत का माहौल बन गया। पुलिस ने बताया कि अस्पताल के सीसीटीवी फुटेज में एक कैप पहने युवक इलेक्ट्रिक स्कूटर से अस्पताल आते हुए दिखाई दिया था। इसी आधार पर उसकी तलाश शुरू की गई थी। बाद में एक व्यक्ति खुद पुलिस के सामने पहुंचा और दावा किया कि वही फुटेज में दिख रहा शख्स है, लेकिन उसका इस मामले से कोई संबंध नहीं है।
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सीसीटीवी में दिखा युवक खुद पहुंचा पुलिस के पास जांच एजेंसियां कई एंगल से कर रहीं पड़ताल
जांच अधिकारियों के मुताबिक अब तक उस व्यक्ति के खिलाफ कोई ठोस सबूत नहीं मिला है। पुलिस फिलहाल उन लोगों की पहचान करने की कोशिश कर रही है जिन्होंने अस्पताल में यह संदिग्ध उपकरण रखा था। मामले की जांच कई अलग-अलग एंगल से की जा रही है और अस्पताल के अंदर के वीडियो भी खंगाले जा रहे हैं। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री Devendra Fadnavis ने इस मामले को गंभीर बताते हुए कहा कि बरामद वस्तु एक “हल्का बम” थी। उन्होंने कहा कि पुलिस को कुछ अहम सुराग मिले हैं और सीसीटीवी फुटेज की गुणवत्ता सुधारने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की मदद ली जा रही है। पुलिस जल्द ही जांच के निष्कर्ष साझा कर सकती है। अस्पताल के मालिक डॉ. विलास गायकवाड़ ने बताया कि बुधवार शाम करीब 7 बजे एक महिला कर्मचारी ने पहली मंजिल के पुरुष शौचालय के पास संदिग्ध वस्तु देखी।
उन्होंने तुरंत उस वस्तु को एक डिब्बे में रखकर अस्पताल के बाहर खुले स्थान पर पहुंचाया और पुलिस को सूचना दी। डिवाइस में तार, जिलेटिन जैसी सामग्री और टाइमर लगा हुआ था। डॉ. गायकवाड़ ने कहा कि अस्पताल के अंदर मरीज, डॉक्टर और स्टाफ मौजूद थे, इसलिए लोगों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए उन्होंने डिवाइस को बाहर ले जाना उचित समझा। उन्होंने बताया कि पिछले 30 वर्षों में अस्पताल में ऐसा कभी नहीं हुआ। अब अस्पताल प्रबंधन अतिरिक्त सुरक्षा उपायों जैसे मेटल डिटेक्टर लगाने पर विचार कर रहा है। घटना के बाद पुणे पुलिस के साथ महाराष्ट्र एटीएस और खुफिया एजेंसियां भी जांच में जुट गई हैं। बम निरोधक दस्ते ने संदिग्ध वस्तु को सुरक्षित तरीके से निष्क्रिय किया।


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