दिल्ली-एनसीआर में अचानक छाई घनी धुंध ने लोगों को चौंका दिया। कई इलाकों में पूरे दिन धुंध जैसी स्थिति बनी रही। इसके कारण दृश्यता कम हो गई और हवा की गुणवत्ता भी प्रभावित हुई। इस बीच, सोशल मीडिया पर कई तरह की अफवाहें फैलने लगीं। कुछ लोगों ने इसे विदेशों में हुई घटनाओं से जोड़कर देखा।
दरअसल, कुछ सोशल मीडिया पोस्ट में दावा किया गया कि यह धुंध ईरान में रिफाइनरी पर हुए हमले और कथित “पेट्रोल बारिश” से जुड़ी है। इसलिए लोगों के बीच भ्रम की स्थिति पैदा हो गई। हालांकि, मौसम विशेषज्ञ इन दावों को पूरी तरह गलत बताते हैं। उनके अनुसार, इसका कोई वैज्ञानिक आधार नहीं है।
असल में, मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि मौजूदा धुंध का कारण पश्चिम दिशा से आने वाली तेज हवाएं हैं। ये हवाएं पाकिस्तान के बलूचिस्तान और थार मरुस्थल जैसे सूखे क्षेत्रों से धूल के कण ला रही हैं। जब इन इलाकों में हवाएं तेज होती हैं, तब रेत और धूल हवा में उठ जाती है। इसके बाद यह धूल सैकड़ों किलोमीटर दूर तक फैल सकती है।
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दिल्ली-एनसीआर में घना स्मॉग, हवा की गुणवत्ता बिगड़ी; AQI बढ़ा
इसी वजह से दिल्ली-एनसीआर में धुंध जैसी स्थिति बन गई है। मौसम विशेषज्ञ महेश पलावत के अनुसार, यह धूल भरी हवाओं का असर है। साथ ही उन्होंने कहा कि ऐसी घटनाएं उत्तर भारत में आम हैं। खासकर सर्दियों के अंत और गर्मियों की शुरुआत में यह स्थिति अक्सर देखी जाती है।
हालांकि, राहत की बात यह है कि यह स्थिति स्थायी नहीं है। जैसे ही हवा की दिशा और गति बदलेगी, धूल धीरे-धीरे बैठ जाएगी। इसके परिणामस्वरूप मौसम साफ होने लगेगा। मौसम विशेषज्ञों का अनुमान है कि अगले एक से दो दिनों में हालात बेहतर हो जाएंगे। तब दिल्ली और आसपास के क्षेत्रों में दृश्यता और हवा की गुणवत्ता में सुधार दिखाई देगा।
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