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    99 परसेंटाइल

    JEE Main 2026 के नतीजों ने एक बार फिर देश में इंजीनियरिंग प्रवेश परीक्षा की प्रतिस्पर्धा को सुर्खियों में ला दिया है। इस वर्ष 26 छात्रों ने 100 परसेंटाइल हासिल किया, जबकि 30 हजार से अधिक अभ्यर्थियों ने 99 परसेंटाइल या उससे ऊपर स्कोर किया। आंकड़े प्रभावशाली हैं, लेकिन प्रवेश प्रक्रिया का गणित कई छात्रों और अभिभावकों की चिंता बढ़ा रहा है। 21 अप्रैल को परिणाम घोषित होते ही देशभर में टॉपर्स की चर्चा शुरू हो गई। इसी बीच वाराणसी के एक अभिभावक ने अपनी चिंता साझा की। उनकी बेटी ने 99.2 परसेंटाइल हासिल किया है। परिवार ने कोटा में कोचिंग और रहने पर करीब 18 लाख रुपये खर्च किए। इसके बावजूद उन्हें यह स्पष्ट नहीं है कि बेटी को भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (IIT) में मनचाही सीट मिल पाएगी या नहीं।

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    58,000 करोड़ रुपये का कोचिंग उद्योग और बढ़ता खर्च

    देश के 23 IIT में कुल 17,385 सीटें उपलब्ध हैं। दूसरी ओर, 99 परसेंटाइल या उससे अधिक अंक प्राप्त करने वाले छात्रों की संख्या करीब 30 हजार है। ऐसे में उच्च अंक भी पसंदीदा कॉलेज या ब्रांच सुनिश्चित नहीं करते। पिछले वर्ष IIT बॉम्बे में कंप्यूटर साइंस शाखा की क्लोजिंग रैंक 66 रही थी। इसका अर्थ है कि लाखों अभ्यर्थियों में शीर्ष रैंक हासिल करना ही प्रतिष्ठित शाखाओं में प्रवेश की शर्त बन चुका है। शिक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि उच्च परसेंटाइल प्राप्त करने वाले छात्रों की संख्या बढ़ने से प्रतिस्पर्धा और तीव्र हो गई है।

    इधर, कोचिंग उद्योग का विस्तार भी चर्चा का विषय है। अनुमान के अनुसार, यह क्षेत्र 58,000 करोड़ रुपये का कारोबार बन चुका है। दो वर्ष की तैयारी पर 15 से 25 लाख रुपये तक खर्च हो रहे हैं। कई परिवार भारी आर्थिक दबाव में यह निवेश कर रहे हैं। परीक्षा पैटर्न आधारित तैयारी पर जोर बढ़ा है, जिससे अवधारणात्मक समझ और नवाचार पर असर पड़ने की आशंका जताई जा रही है। इन परिस्थितियों में सवाल उठ रहा है कि क्या वर्तमान प्रवेश प्रणाली प्रतिभा का समुचित मूल्यांकन कर पा रही है, या फिर यह अत्यधिक प्रतिस्पर्धी ढांचा छात्रों और परिवारों पर अतिरिक्त दबाव डाल रहा है। IIT में प्रवेश का सपना आज भी लाखों छात्रों के लिए प्रेरणा बना हुआ है। हालांकि, परिणामों के बाद उभर रहे आंकड़े प्रवेश प्रणाली और तैयारी मॉडल पर व्यापक चर्चा की जरूरत की ओर संकेत कर रहे हैं।

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    One thought on “99 परसेंटाइल और 25 लाख खर्च फिर भी IIT नहीं एडमिशन सिस्टम पर सवाल”

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