प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को राजस्थान के जोधपुर में नए एयरपोर्ट टर्मिनल भवन का उद्घाटन किया। इस अवसर पर उन्होंने राज्य को कई विकास परियोजनाओं की सौगात भी दी। प्रधानमंत्री ने कहा कि नया टर्मिनल यात्रियों को आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराएगा। उन्होंने बताया कि इससे पर्यटन, व्यापार और स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी नई गति मिलेगी। अपने संबोधन में प्रधानमंत्री ने देश के विकास के साथ ऊर्जा सुरक्षा के महत्व पर भी विस्तार से चर्चा की। उन्होंने कहा कि मजबूत नीतियों ने भारत को कठिन परिस्थितियों में भी आगे बढ़ने का अवसर दिया।
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ऊर्जा संकट से निपटने की रणनीति पर पीएम मोदी का जोर
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि पश्चिम एशिया में युद्ध के कारण दुनिया को गंभीर ऊर्जा संकट का सामना करना पड़ा। उन्होंने बताया कि भारत ने समय रहते हालात का सही आकलन किया और प्रभावी रणनीति बनाई। सरकार ने संसाधनों का संतुलित उपयोग करते हुए हर स्तर पर आवश्यक निर्णय लिए। उन्होंने कहा कि मजबूत इच्छाशक्ति, बेहतर योजना और प्रभावी कूटनीति ने भारत को संकट से बाहर निकालने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। प्रधानमंत्री के अनुसार, देश ने कठिन परिस्थितियों में भी ऊर्जा आपूर्ति को बनाए रखा और नागरिकों के हितों की रक्षा की।
अपने संबोधन में प्रधानमंत्री ने संकट के दौरान अफवाहें फैलाने वालों पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि कुछ लोगों ने जनता के बीच डर और भ्रम फैलाने का प्रयास किया। इसके बावजूद सरकार ने धैर्य और जिम्मेदारी के साथ स्थिति को संभाला। प्रधानमंत्री ने कहा कि देशवासियों ने भी अफवाहों पर भरोसा नहीं किया और सरकार का साथ दिया। उन्होंने कहा कि जनता के विश्वास और प्रशासन की तैयारी ने अस्थिरता फैलाने की कोशिशों को सफल नहीं होने दिया। उनके अनुसार, यह अनुभव भारत की क्षमता और एकजुटता का प्रमाण है।
अफवाह फैलाने वालों पर साधा निशाना, जनता का किया धन्यवाद
प्रधानमंत्री मोदी ने बताया कि ऊर्जा कंपनियों को अप्रैल से जून के बीच लगभग 75 हजार करोड़ रुपये का नुकसान हुआ। उन्होंने कहा कि सरकार ने इस आर्थिक बोझ को अपने ऊपर लिया ताकि जनता पर अतिरिक्त भार न पड़े। उन्होंने याद दिलाया कि सरकार ने पेट्रोल और डीजल पर प्रति लीटर 10 रुपये उत्पाद शुल्क भी कम किया। इस फैसले से आम लोगों को राहत मिली और ईंधन की कीमतों का असर सीमित रहा। प्रधानमंत्री ने कहा कि सरकार ने हर निर्णय में नागरिकों के हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता दी।
प्रधानमंत्री ने कहा कि ऊर्जा संकट के दौरान भारत की कूटनीतिक ताकत भी दुनिया के सामने दिखाई दी। उन्होंने बताया कि संकट से पहले भारत लगभग 25 से 26 देशों से ईंधन आयात करता था। बाद में भारत ने 40 से अधिक देशों से ईंधन खरीदकर आपूर्ति को सुरक्षित बनाया। प्रधानमंत्री ने कहा कि मजबूत अंतरराष्ट्रीय संबंधों ने कठिन समय में देश की मदद की। उन्होंने दोहराया कि भारत के लिए राष्ट्रहित और नागरिकों का हित सर्वोपरि है। इसी सोच के साथ सरकार भविष्य में भी ऊर्जा सुरक्षा और विकास को प्राथमिकता देती रहेगी।
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