• Fri. Oct 16th, 2026

    भारत की पहली स्वदेशी हाइड्रोजन ट्रेन को मिली हरी झंडी, पीएम मोदी ने जिंद की ऐतिहासिक उपलब्धि को सराहा

    हाइड्रोजन ट्रेन

    भारतीय रेलवे ने हरित परिवहन की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए देश की पहली स्वदेशी हाइड्रोजन ट्रेन सेवा शुरू कर दी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हरियाणा के जींद रेलवे स्टेशन से इस ट्रेन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इसके साथ ही भारत उन चुनिंदा देशों में शामिल हो गया है, जहां हाइड्रोजन ईंधन से चलने वाली यात्री ट्रेनें संचालित हो रही हैं। यह ट्रेन जींद और सोनीपत के बीच लगभग 89 किलोमीटर के मार्ग पर चलेगी। सरकार ने इसे स्वच्छ और टिकाऊ परिवहन की दिशा में महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया है।

    Also Read : मानसून सत्र से पहले कांग्रेस नेताओं का मंथन, संसद में उठाए जाने वाले मुद्दों पर चर्चा

    स्वच्छ ऊर्जा और आधुनिक तकनीक से लैस है नई ट्रेन

    जींद में आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि आज का दिन देश और हरियाणा दोनों के लिए ऐतिहासिक है। उन्होंने कहा कि भारत की पहली हाइड्रोजन ट्रेन का सपना साकार हो गया है और जींद का नाम इतिहास में दर्ज हो गया है। पीएम ने कहा कि यह उपलब्धि रेलवे के आधुनिकीकरण और आत्मनिर्भर भारत की दिशा में बड़ा कदम है। उन्होंने हरियाणा के विकास और केंद्र सरकार की विभिन्न योजनाओं का भी उल्लेख किया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे।

    भारतीय रेलवे की इस महत्वाकांक्षी परियोजना में हाइड्रोजन फ्यूल सेल तकनीक का उपयोग किया गया है। यह तकनीक हाइड्रोजन से बिजली पैदा करती है, जिससे ट्रेन बिना डीजल के संचालित होती है। इस प्रक्रिया के दौरान केवल भाप और गर्मी निकलती है, जिससे कार्बन उत्सर्जन लगभग शून्य रहता है। पर्यावरण संरक्षण के लिहाज से इसे रेलवे की महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है। आने वाले समय में यह तकनीक रेल परिवहन को और अधिक टिकाऊ बना सकती है।

    Also Read : AI को लेकर दो पीढ़ियों में मतभेद, बुजुर्गों ने बताया अवसर तो Gen Z ने जताई चिंता

    जींद से शुरू हुई भारत की पहली हाइड्रोजन ट्रेन सेवा

    नई हाइड्रोजन ट्रेन में 3,200 हॉर्सपावर का शक्तिशाली प्रोपल्शन सिस्टम लगाया गया है। इसकी सामान्य गति 75 किलोमीटर प्रति घंटा है, जबकि आवश्यकता पड़ने पर यह 110 किलोमीटर प्रति घंटा तक दौड़ सकती है। 10 कोच वाली इस ट्रेन में लगभग 2,600 यात्री एक साथ सफर कर सकते हैं। सुरक्षा के लिए इसमें हाइड्रोजन लीक डिटेक्टर, फ्लेम डिटेक्टर और ऑटोमैटिक शट-ऑफ सिस्टम जैसी आधुनिक सुविधाएं दी गई हैं। ये सिस्टम किसी भी आपात स्थिति में तुरंत प्रतिक्रिया देकर यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करेंगे।

    रेलवे ने इस ट्रेन का किराया भी आम यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए तय किया है। न्यूनतम किराया 5 रुपये और अधिकतम 25 रुपये रखा गया है। ट्रेन सुबह जींद से सोनीपत और फिर निर्धारित समय पर वापसी करेगी। भारतीय रेलवे भविष्य में कालका-शिमला जैसी हेरिटेज ट्रेनों में भी हाइड्रोजन तकनीक लागू करने की योजना बना रहा है। इससे स्वच्छ ऊर्जा, कम प्रदूषण और आधुनिक रेलवे नेटवर्क के लक्ष्य को नई मजबूती मिलने की उम्मीद है।

    Also Read : मानसून सत्र से पहले कांग्रेस नेताओं का मंथन, संसद में उठाए जाने वाले मुद्दों पर चर्चा

    Share With Your Friends If you Loved it!

    By tina