देश की सीमाओं की सुरक्षा करने वाले बीएसएफ ने अपने इतिहास में पहली बार एक महिला फ्लाइट इंजीनियर को शामिल कर नया कीर्तिमान स्थापित किया है। यह गौरव इंस्पेक्टर भावना चौधरी को मिला है, जिन्होंने इस पद पर नियुक्त होकर पूरे देश को गर्व महसूस कराया है। बीएसएफ के महानिदेशक दलजीत सिंह चौधरी ने उन्हें और चार अन्य पुरुष अधिकारियों को फ्लाइंग बैज देकर सम्मानित किया, जिससे भावना का नाम इतिहास में दर्ज हो गया।
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दो महीने के कठिन प्रशिक्षण और वास्तविक हालात में उड़ान मिशनों का अनुभव लेने के बाद इंस्पेक्टर भावना चौधरी ने बीएसएफ की पहली महिला फ्लाइट इंजीनियर बनने का गौरव हासिल किया। अगस्त में शुरू हुए इस प्रशिक्षण में उन्होंने और चार अन्य अधिकारियों ने 130 घंटे की उड़ान और तकनीकी अभ्यास किया, जिसमें पंजाब की बाढ़ राहत जैसे मिशन भी शामिल रहे। पहले वायुसेना से प्रशिक्षण लेने वाले अधिकारियों की जगह इस बार बीएसएफ ने खुद प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू किया, जिससे भावना समेत पांच अधिकारी अब पूरी तरह प्रशिक्षित फ्लाइट इंजीनियर बन चुके हैं।
BSF एयर विंग मिशन मोड में 1969 से
1969 में गृह मंत्रालय के अधीन एविएशन यूनिट की ज़िम्मेदारी मिलने के बाद से बीएसएफ की एयर विंग ने देश के दुर्गम इलाकों चाहे वो राजस्थान का तपता रेगिस्तान हो, कश्मीर की बर्फीली वादियां या पूर्वोत्तर के घने जंगल हर जगह अपनी प्रभावशाली सेवाएं दी हैं। यह यूनिट न केवल सीमाओं की निगरानी करती है, बल्कि आपदा राहत, मेडिकल इवैक्यूएशन और मानवीय सहायता जैसे मिशनों में भी अहम भूमिका निभाती है।


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