फोटोराष्ट्रीय

हिमाचल प्रदेश में भारी बारिश का तांडव, बारिश से 923 सड़कें बंद, 52 शहरों में नहीं चली बसें, 16 की मौत, तीन बहे

हिमाचल प्रदेश में बारिश ने तबाही मचा दी है। रविवार देर रात से लगातार हो रही मूसलाधार बारिश ने लोगों की परेशानी बढ़ा दी है। भारी बारिश की वजह से कई जिलों के स्कूलों में छुट्टी की घोषणा कर दी गई है। प्रदेश में अब तक 16 लोगों की मौत हो चुकी है।

हमीरपुर के उपमंडल भोरंज में भारी बारिश से मकान गिर गया जहां मलबे में दबकर दादी और पोती की मौत हो गई है। भारी बारिश से जिला भर में आधा दर्जन से अधिक सड़कें बंद हैं। वहीं मंडी में भी एक की मौत की सूचना मिल रही है।

कालका-शिमला हाईवे पर चक्की मोड़ व तम्बु मोड़ के पास भुस्खलन होने के कारण हाईवे बंद हो गया है। हमीरपुर जिला के सभी सरकारी और निजी स्कूलों के बंद करने के निर्देश दे दिए गए हैं। उपायुक्त हमीरपुर रिचा वर्मा ने खराब मौसम के मद्देनजर स्कूल बंद रखने के आदेश दिए हैं। साथ ही कांगड़ा, शिमला, कुल्लू और मंडी जिले में भी स्कूल बंद करने के आदेश दिए गए हैं।

मौसम विज्ञान केंद्र, शिमला के निदेश मनमोहन शर्मा के मुताबिक, धर्मशाला में 110 एमएम, डलहौजी में 57 एमएम, शिमला में 100 एमएम और सोलन में 94 एमएम बारिश दर्ज की गई है।

शिमला के मेहली शोगी रोड पर लैंडस्लाइड में चार गाड़ियां दब गई हैं। दो गाड़ियों के सड़क के नीचे चले जाने की खबर मिल रही है। अन्नाडेल में तीन डांग गिरे हैं। गवाही गांव में बादल फटने की भी खबर आ रही है। देवनगर, कुसुम्पटी और सुंदरनगर फोरलेन पर भारी भूस्खलन हुआ है। जडोल के पास भी हाइवे बंद हो गया है। प्रशासन ने रास्ता खोलने को जेसीबी मशीनें लगाई हैं। सुंदरनगर में कई मकानों को खाली करा लिया गया है।

 

बिलासपुर में बारिश से भारी तबाही
बिलासपुर में नेशनल हाइवे लैंडस्लाइड की वजह से बंद हो गया है। हमीरपुर-शिमला नेशनल हाईवे बंद और कुनाह पुल के क्षतिग्रस्त होने से दोनों तरफ वाहनों की लगी लंबी कतारें लग गई हैं। कई जगहों पर चल रहे योजनाओं में पानी भर गया है। बरठीं क्षेत्र में बिजली और पानी की आपूर्ति बंद, हो गई है। ग्रामीण रोड बंद होने से लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। भारी बारिश की वजह से ग्रामीण क्षेत्रों में दूध और सब्जी की आपूर्ती भी नहीं हो पा रही है।

Share With Your Friends If you Loved it!
  • 298
  • 79
  •  
  •  
    377
    Shares