भारतीय चुनाव आयोग ने 5 राज्यों और एक केंद्र शासित प्रदेश में मतदान के दिन छुट्टी घोषित की। आयोग ने स्पष्ट किया कि हर नागरिक को मतदान का अधिकार सुनिश्चित करने के लिए यह कदम उठाया गया है। सभी सरकारी और निजी संस्थानों को अपने कर्मचारियों को मतदान के लिए छुट्टी देनी होगी। इस छुट्टी के दौरान किसी भी कर्मचारी के वेतन में कटौती नहीं की जाएगी। आयोग ने जनप्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 135B का हवाला देते हुए यह आदेश जारी किया। इस कानून के तहत हर मतदाता को वोट डालने के लिए पर्याप्त अवसर मिलना जरूरी है। आयोग ने यह भी कहा कि मजदूरों और दिहाड़ी कामगारों को भी इस सुविधा का पूरा लाभ मिलेगा।
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5 राज्यों में मतदान के दिन छुट्टी, सभी कर्मचारियों को मिलेगा पूरा वेतन
चुनाव आयोग ने पश्चिम बंगाल, असम, केरल, तमिलनाडु और पुडुचेरी में चुनाव कार्यक्रम घोषित किया है। इन सभी क्षेत्रों में मतदान वाले दिन सार्वजनिक अवकाश रहेगा ताकि अधिक से अधिक लोग मतदान कर सकें। सरकारी कर्मचारियों को उस दिन पूर्ण अवकाश मिलेगा, जबकि निजी क्षेत्र में भी पेड लीव लागू रहेगी। आयोग ने यह सुनिश्चित किया कि कोई भी नियोक्ता कर्मचारियों को मतदान से वंचित न करे। यदि कोई संस्था इस आदेश का पालन नहीं करती है, तो उसके खिलाफ कार्रवाई हो सकती है। यह कदम लोकतांत्रिक प्रक्रिया को मजबूत करने और मतदाता सहभागिता बढ़ाने के लिए उठाया गया है।
चुनाव आयोग के अनुसार 9 अप्रैल 2026 को असम, केरल और पुडुचेरी में मतदान कराया जाएगा। 23 अप्रैल 2026 को तमिलनाडु, गुजरात, महाराष्ट्र और पश्चिम बंगाल में वोटिंग आयोजित होगी। इसके बाद 29 अप्रैल 2026 को पश्चिम बंगाल में दूसरे चरण का मतदान संपन्न कराया जाएगा। इन सभी तिथियों पर संबंधित राज्यों में सार्वजनिक अवकाश घोषित किया गया है। आयोग ने सभी नियोक्ताओं को निर्देश दिया है कि वे कर्मचारियों को मतदान के लिए समय दें। इस दौरान कर्मचारियों के वेतन में किसी प्रकार की कटौती नहीं की जाएगी। यह व्यवस्था सभी श्रेणियों के कर्मचारियों और श्रमिकों पर समान रूप से लागू होगी।
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चुनाव आयोग का निर्देश: हर मतदाता को मिले पेड लीव
असम की सभी 126 विधानसभा सीटों पर 9 अप्रैल को एक चरण में मतदान कराया जाएगा। केरल की 140 सीटों और पुडुचेरी की 30 सीटों पर भी इसी दिन मतदान होगा। इन क्षेत्रों में चुनाव प्रचार अपने अंतिम चरण में पहुंच चुका है और उम्मीदवारों की सूची घोषित हो चुकी है। वहीं तमिलनाडु की 234 सीटों और पश्चिम बंगाल की 152 सीटों पर 23 अप्रैल को मतदान होगा। इसके साथ ही गुजरात और महाराष्ट्र में उपचुनाव के लिए भी मतदान कराया जाएगा। पश्चिम बंगाल में दूसरे चरण के तहत 29 अप्रैल को अतिरिक्त सीटों पर वोटिंग होगी।
चुनाव आयोग ने यह भी स्पष्ट किया कि मतदान के दिन काम करने वाले सभी कर्मचारियों को छुट्टी मिलना अनिवार्य है। यदि कोई कर्मचारी अपने निर्वाचन क्षेत्र से बाहर कार्य करता है, तब भी उसे मतदान के लिए अवकाश मिलेगा। आयोग ने नियोक्ताओं को सख्त निर्देश दिए हैं कि वे इस आदेश का पालन सुनिश्चित करें। आदेश का उल्लंघन करने पर संबंधित संस्थानों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा सकती है। आयोग का उद्देश्य है कि अधिक से अधिक लोग अपने मताधिकार का प्रयोग करें। इस फैसले से मतदान प्रतिशत बढ़ने और लोकतंत्र को मजबूत करने की उम्मीद जताई जा रही है।
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