भारत सरकार ने आतंकवाद के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए 23 खूंखार आतंकियों को आधिकारिक रूप से आतंकवादी घोषित किया। गृह मंत्रालय ने इस संबंध में नया गजट नोटिफिकेशन जारी करके सभी नाम सार्वजनिक किए।
मंत्रालय ने इन आतंकियों को गैरकानूनी गतिविधियां रोकथाम अधिनियम के तहत सूचीबद्ध किया। सरकार ने सभी नाम यूएपीए की चौथी अनुसूची में शामिल करके कानूनी कार्रवाई मजबूत बनाई। अधिकारियों ने बताया कि अधिकांश आतंकी पाकिस्तान और पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर में छिपे हुए हैं। इस सूची में जैश-ए-मोहम्मद और लश्कर-ए-तैयबा के कई सक्रिय कमांडर शामिल हैं। इस फैसले से सुरक्षा एजेंसियों को आतंकियों के विरुद्ध कार्रवाई करने में अधिक सुविधा मिलेगी। सरकार ने आतंकवाद के खिलाफ अपनी सख्त नीति को फिर स्पष्ट रूप से दोहराया है
Also Read : Weather Update: मुंबई में रेड अलर्ट, दिल्ली-राजस्थान में मानसून की एंट्री
इस कदम से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत की आतंकवाद विरोधी रणनीति को और मजबूती मिलेगी। सुरक्षा एजेंसियां अब इन घोषित आतंकियों के नेटवर्क और सहयोगियों पर तेजी से कार्रवाई करेंगी।
आतंकवादी मसूद इलियास कश्मीरी उर्फ मुफ्ती मसूद इलियास घोषित
चार जुलाई को गृह मंत्रालय ने मसूद इलियास कश्मीरी को भी आधिकारिक रूप से आतंकवादी घोषित किया। मसूद इलियास कश्मीरी जैश-ए-मोहम्मद संगठन से लंबे समय से सक्रिय रूप से जुड़ा हुआ है। सरकारी गजट के अनुसार वह वर्तमान में पाकिस्तान के रावलकोट क्षेत्र में रह रहा है। जांच एजेंसियों ने उस पर आतंकियों की भर्ती और प्रशिक्षण कराने के गंभीर आरोप लगाए। अधिकारियों ने बताया कि वह आतंकियों को हथियार और गोला-बारूद उपलब्ध कराने में सक्रिय रहा। सुरक्षा एजेंसियां उसके नेटवर्क और सहयोगियों की गतिविधियों पर लगातार कड़ी निगरानी बनाए हुए हैं।
सरकार इस कार्रवाई से आतंकवाद के ढांचे को कमजोर करने का स्पष्ट संदेश देना चाहती है। यूएपीए के तहत घोषित होने के बाद उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई और प्रभावी बनेगी। भारत लगातार सीमा पार आतंकवाद पर कड़ा रुख अपनाकर दबाव बढ़ाने की नीति चला रहा। यह फैसला आतंकवाद के खिलाफ सरकार की व्यापक रणनीति का महत्वपूर्ण हिस्सा माना जा रहा है।

