प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सोमवार को इंडोनेशिया पहुंचे, जहां राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया। जकार्ता एयरपोर्ट पर भारतीय समुदाय ने भी सांस्कृतिक कार्यक्रमों के साथ उनका उत्साहपूर्ण स्वागत किया।मंगलवार को प्रधानमंत्री मोदी का भव्य औपचारिक स्वागत समारोह आयोजित हुआ, जिसके बाद दोनों नेताओं ने रक्षा, व्यापार, प्रौद्योगिकी और रणनीतिक सहयोग सहित कई अहम मुद्दों पर चर्चा की। भारत और इंडोनेशिया ने इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनों के विकास तथा तकनीकी सहयोग पर महत्वपूर्ण समझौता किया। भारत इंडोनेशिया की चुनावी जरूरतों के अनुरूप विशेष ईवीएम विकसित करने में तकनीकी सहायता देगा। दोनों देशों ने मलक्का जलडमरूमध्य के निकट स्थित सबांग बंदरगाह के संयुक्त विकास पर भी सहमति जताई, जिससे क्षेत्रीय समुद्री संपर्क और रणनीतिक सहयोग को मजबूती मिलेगी।
पीएम मोदी की इंडोनेशिया यात्रा में हुए ये 5 बड़े समझौते
भारत इंडोनेशिया में स्टील, निकेल और रेयर अर्थ मैग्नेट निर्माण में निवेश कर महत्वपूर्ण खनिजों की आपूर्ति श्रृंखला मजबूत करेगा। ऑपरेशन सिंदूर में सफलता के बाद इंडोनेशिया ने भारत की अत्याधुनिक ‘अस्त्र’ मिसाइलें खरीदने का फैसला किया, जबकि दोनों देशों ने ब्रह्मोस मिसाइल सहयोग को भी आगे बढ़ाने पर सहमति बनाई।
बैठक में रक्षा तकनीक, रणनीतिक कनेक्टिविटी और महत्वपूर्ण खनिजों पर सहयोग बढ़ाने पर विशेष जोर दिया गया। इंडोनेशिया दौरे के बाद प्रधानमंत्री मोदी ऑस्ट्रेलिया और फिर न्यूजीलैंड जाएंगे। ऑस्ट्रेलिया में वह प्रधानमंत्री एंथनी अल्बनीज के साथ व्यापक रणनीतिक साझेदारी को मजबूत करने पर चर्चा करेंगे, जबकि न्यूजीलैंड दौरे के दौरान व्यापार, निवेश और क्षेत्रीय सहयोग सहित कई अहम मुद्दों पर विचार-विमर्श करेंगे। यह दौरा भारत की इंडो-पैसिफिक रणनीति और क्षेत्रीय साझेदारियों को नई गति देने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

