ग्लासगो में कॉमनवेल्थ गेम्स के दसवें दिन भारतीय खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए कुल सोलह पदक जीते। भारत ने शनिवार को आठ स्वर्ण, पांच रजत और तीन कांस्य पदक जीतकर पदक तालिका मजबूत की। भारतीय मुक्केबाजों ने सात स्वर्ण पदक जीतकर प्रतियोगिता में देश का दबदबा और मजबूत किया। सचिन सिवाच, अंकुश पंघाल, प्रीति पवार और जैस्मिन लंबोरिया ने मुक्केबाजी में स्वर्ण पदक जीते। साक्षी चौधरी, प्रिया घनघस और अरुंधति चौधरी ने भी शानदार जीत दर्ज करके स्वर्ण पदक हासिल किए। लवलीना बोरगोहेन और नरेंद्र बरवाल ने कड़े मुकाबलों के बाद रजत पदक अपने नाम किए। उन्नति शर्मा ने जूडो में कांस्य पदक जीतकर भारत के पदक अभियान में योगदान दिया। पुरुष एफ57 शॉटपुट में सोमैन राणा और शुभम जुयाल ने भारत को क्रमशः स्वर्ण, रजत दिलाया।
एथलेटिक्स और बॉक्सिंग में भारत का शानदार प्रदर्शन
प्रवीण चित्रवेल ने 16.58 मीटर की छलांग लगाकर ट्रिपल जंप में रजत पदक जीता। सेल्वा प्रभु तिरुमारन ने 16.52 मीटर की छलांग लगाकर ट्रिपल जंप में कांस्य पदक हासिल किया। गुलवीर सिंह ने पांच हजार मीटर दौड़ में कांस्य जीतकर प्रतियोगिता में अपना दूसरा पदक हासिल किया। इससे पहले गुलवीर ने दस हजार मीटर दौड़ में रजत पदक जीतकर शानदार प्रदर्शन किया था। भारत ने अबतक 13 स्वर्ण, 17 रजत और 9 कांस्य सहित कुल 39 पदक जीते हैं।
इस प्रदर्शन के साथ भारत पदक तालिका में चौथे स्थान पर पहुंचकर मजबूत दावेदारी प्रस्तुत कर रहा है। ऑस्ट्रेलिया 65 स्वर्ण के साथ शीर्ष पर है, जबकि इंग्लैंड और कनाडा क्रमशः दूसरे स्थान पर हैं। महिला मुक्केबाजों ने प्रतियोगिता में लगातार शानदार प्रदर्शन करके भारत की पदक उम्मीदें बेहद मजबूत कर दीं। अरुंधति चौधरी ने चैंटेल रीड को हराकर 70 किलोग्राम वर्ग में स्वर्ण पदक हासिल किया। प्रीति पवार ने स्कार्लेट सवाना डेलगाडो को हराकर 54 किलोग्राम वर्ग में स्वर्ण पदक जीता। जैस्मिन लम्बोरिया ने माइकेला वॉल्श को हराकर 57 किलोग्राम वर्ग में स्वर्ण पदक अपने नाम किया। साक्षी चौधरी और प्रिया घनघस ने भी फाइनल जीतकर भारत को महत्वपूर्ण स्वर्ण पदक दिलाए।

