झारखंड में प्रदर्शनकारी छात्रों ने भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के खिलाफ रविवार को आंदोलन तेज किया। छात्रों ने तय कार्यक्रम के अनुसार रांची में तीन प्रमुख नेताओं के पुतले लेकर मार्च निकाला। उन्होंने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन, राहुल गांधी और तेजस्वी यादव के पुतलों को लेकर नारेबाजी की। इसके बाद प्रदर्शनकारियों ने तीनों नेताओं के पुतलों में आग लगाकर अपना विरोध दर्ज कराया। छात्रों का मार्च जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम से शुरू हुआ और विभिन्न मार्गों से आगे बढ़ा। मार्च में शामिल छात्रों ने हाथों में तिरंगा झंडा लेकर देशभक्ति के नारे भी लगाए। प्रदर्शनकारियों ने मोबाइल की टॉर्च जलाकर मार्च किया और लगातार इंकलाब जिंदाबाद के नारे लगाए। छात्र नेता रवींद्र कुमार पासवान ने कहा कि छात्रों ने पहले ही पुतला दहन कार्यक्रम निर्धारित किया।
छात्रों ने कांग्रेस नेतृत्व पर कार्रवाई नहीं करने का लगाया आरोप
उन्होंने कहा कि आंदोलनकारी झारखंड सरकार के खिलाफ अपना विरोध लगातार जारी रखेंगे। छात्रों ने कहा कि सरकार उनकी जेपीएससी और जेएसएससी भर्ती परीक्षाओं से जुड़ी मांगें पूरी करे। छात्र नेता ने बताया कि प्रदर्शनकारी बीस अगस्त को मुख्यमंत्री आवास का घेराव भी करेंगे। उन्होंने कहा कि छात्रों ने सरकार पर दबाव बनाने के लिए आंदोलन तेज करने का फैसला किया। भारतीय जनता पार्टी ने मुख्यमंत्री आवास घेराव कार्यक्रम को नैतिक समर्थन देने की घोषणा की है। छात्र नेता ने राहुल गांधी के खिलाफ भी विरोध जताने का कारण स्पष्ट किया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस झारखंड में झारखंड मुक्ति मोर्चा के साथ सत्तारूढ़ गठबंधन में शामिल है।
छात्रों का आरोप है कि राहुल गांधी ने आश्वासन देने के बावजूद उनकी समस्याओं पर कार्रवाई नहीं की। प्रदर्शनकारी ने कहा कि राहुल गांधी ने फोन और सोशल मीडिया के माध्यम से समर्थन जताया। हालांकि, छात्रों का कहना है कि केवल आश्वासन मिलने से उनकी समस्याओं का समाधान नहीं होगा। उन्होंने कांग्रेस नेता शिल्पी नेहा तिर्की के बयान पर भी सवाल उठाए। छात्र नेता ने पूछा कि राहुल गांधी छात्रों के साथ खड़े होने का दावा क्यों करते हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस नेताओं के बयानों पर वरिष्ठ नेतृत्व को स्पष्ट जवाब देना चाहिए। कांग्रेस नेता शिल्पी नेहा तिर्की ने छात्रों के प्रतिनिधिमंडल को लेकर अलग दावा किया। उन्होंने कहा कि प्रतिनिधिमंडल में वास्तविक भूख हड़ताल करने वाले प्रदर्शनकारी छात्र शामिल नहीं थे। इस बयान के बाद आंदोलनकारी छात्रों ने कांग्रेस नेतृत्व के खिलाफ अपना विरोध और तेज किया।
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