बिहार के वैशाली जिले के लालगंज इलाके में भारतमाला परियोजना के तहत एनएच-139डब्ल्यू फोरलेन पथ पर निर्माण कार्य चल रहा था। इसी दौरान गुरुवार को अचानक निर्माणाधीन पुल का भारी-भरकम लॉन्चर अचानक नीचे आ गिरा। इस भयानक हादसे की चपेट में आकर कुल आठ मजदूर बुरी तरह जख्मी हो गए हैं। घटना के तुरंत बाद निर्माण स्थल पर भारी अफरा-तफरी और चीख-पुकार मच गई थी। स्थानीय लोगों और अधिकारियों ने मिलकर तुरंत राहत और बचाव कार्य शुरू किया।
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लालगंज में निर्माणाधीन पुल का लॉन्चर गिरने से बड़ा हादसा
दुर्घटना के तुरंत बाद मौके पर स्थानीय लोगों की भारी भीड़ जमा हो गई जिन्होंने घायलों की मदद की। सभी घायल मजदूरों को आनन-फानन में इलाज के लिए नजदीकी लालगंज अस्पताल पहुंचाया गया। डॉक्टरों ने प्रारंभिक जांच के बाद छह घायल कर्मचारियों का इलाज वहीं शुरू कर दिया। हालांकि, उनमें से दो मजदूरों की हालत बेहद नाजुक बनी हुई थी। उनकी गंभीर स्थिति को देखते हुए चिकित्सकों ने उन्हें तुरंत बेहतर इलाज के लिए अन्य बड़े अस्पताल रेफर कर दिया।
इस दर्दनाक हादसे के दौरान एक मजदूर का पैर भारी लोहे के नीचे बुरी तरह दब गया था। उसे दर्द से राहत दिलाने के लिए लोगों ने उसके सिर पर पानी डाला ताकि वह होश में बना रहे। भारी वजनी लोहे के नीचे पैर पूरी तरह फंस जाने के कारण उसे निकालना बेहद मुश्किल हो रहा था। अंततः बचाव टीम ने कटर मशीन से लोहे के हिस्से को काटकर उस युवक का पैर सुरक्षित बाहर निकाला। इस भयावह दृश्य ने मौके पर मौजूद सभी लोगों को झकझोर कर रख दिया था।
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सुरक्षा मानकों पर उठे गंभीर सवाल और राहत कार्य
घटना की सूचना मिलते ही संबंधित पुलिस प्रशासन और वरिष्ठ अधिकारी तुरंत घटनास्थल पर पहुंच गए। अधिकारियों ने पूरे इलाके का जायजा लिया और यह पता लगाने का प्रयास किया कि यह हादसा किन कारणों से हुआ। इस बड़ी दुर्घटना के बाद निर्माण कार्य के दौरान सुरक्षा मानकों के पालन को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। लोग और विशेषज्ञ यह जांच कर रहे हैं कि क्या कंपनी ने सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए थे। अधिकारी इस मामले की गहनता से जांच कर रहे हैं और दोषियों पर कार्रवाई की बात कह रहे हैं।
बिहार में बुनियादी ढांचे और पुलों से जुड़ी सुरक्षा का यह कोई पहला मामला नहीं है। इससे पहले पूर्णिया जिले के अमौर प्रखंड में एक पुरानी और जर्जर पुलिया ढह गई थी। तियरपाड़ा पंचायत स्थित आसियानी डगरा घाट पर जैसे ही गिट्टी से लदा एक भारी ट्रक गुजरा, वह पुल भरभरा कर गिर गया। उस पुरानी घटना में भी वाहन सीधे नदी में समा गया था, जिससे प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठे थे। इन लगातार हो रही घटनाओं ने राज्य में निर्माण कार्यों की गुणवत्ता और सुरक्षा पर गहरी चिंता पैदा कर दी है।
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