रामपुर: समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने रामपुर में पार्टी के वरिष्ठ नेता आजम खान से मुलाकात की। इस मुलाकात के बाद उन्होंने भारतीय जनता पार्टी पर तीखा हमला बोला और शिक्षा, सामाजिक न्याय तथा राजनीतिक कार्रवाई को लेकर कई सवाल उठाए। अखिलेश यादव ने कहा कि रामपुर हमेशा से रामराज की भावना और सामाजिक सद्भाव का प्रतीक रहा है, लेकिन मौजूदा सरकार इस भावना को कमजोर कर रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा की नीतियां सामाजिक न्याय के रास्ते में बाधा पैदा कर रही हैं। उनके मुताबिक, आजम खान और समाजवादी पार्टी लगातार समाज के कमजोर वर्गों के अधिकारों की रक्षा तथा समान अवसर उपलब्ध कराने के लिए संघर्ष कर रहे हैं।
आजम खान के खिलाफ कार्रवाई पर उठाए सवाल
मीडिया से बातचीत के दौरान अखिलेश यादव ने आजम खान के खिलाफ दर्ज मामलों और अधिकारियों की भूमिका पर भी सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने भ्रष्ट अधिकारियों का इस्तेमाल करके फर्जी मुकदमों को राजनीतिक हथियार बनाया। उन्होंने दावा किया कि अब कई अधिकारी भी सरकार का साथ छोड़ रहे हैं। भाजपा पर निशाना साधते हुए सपा प्रमुख ने कहा कि पार्टी का शिक्षा और ज्ञान से कोई खास जुड़ाव नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा शिक्षा के महत्व को समझने के बजाय भ्रष्ट अधिकारियों के सहारे अपना काम चला रही है। हालांकि, ये आरोप अखिलेश यादव ने राजनीतिक बयानबाजी के दौरान लगाए और भाजपा की ओर से इन आरोपों पर प्रतिक्रिया का विवरण उपलब्ध जानकारी में शामिल नहीं है।
ओवैसी से संभावित गठबंधन को लेकर पूछे गए सवाल पर अखिलेश यादव ने रावण का उदाहरण देते हुए तंज कसा। उन्होंने कहा कि रावण भी वेश बदलकर आया था और उसने सीता माता का हरण किया था। इस उदाहरण के जरिए उन्होंने राजनीतिक परिस्थितियों और विरोधियों के व्यवहार पर अपनी टिप्पणी की। अखिलेश यादव का यह बयान ऐसे समय आया, जब विपक्षी दलों के बीच संभावित गठबंधनों और राजनीतिक समीकरणों को लेकर चर्चाएं जारी हैं। हालांकि, उनके इस बयान से ओवैसी की पार्टी के साथ गठबंधन को लेकर कोई स्पष्ट घोषणा नहीं हुई। उन्होंने बातचीत के दौरान चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर भी सवाल उठाए। सपा अध्यक्ष ने कहा कि उनकी पार्टी 2022 से चुनाव आयोग के भाजपा के प्रभाव में काम करने का आरोप लगाती रही है और उन्हें लगता है कि समय के साथ उनकी चिंताएं सामने आ रही हैं।
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अखिलेश यादव ने बीजेपी पर साधा निशाना
अखिलेश यादव ने आजम खान के महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट मोहम्मद अली जौहर विश्वविद्यालय का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया। उन्होंने कहा कि यह विश्वविद्यालय केवल एक शिक्षण संस्थान नहीं, बल्कि हजारों विद्यार्थियों की उम्मीदों और उनके भविष्य से जुड़ा सपना है। उनके अनुसार, आजम खान ने इस परियोजना के जरिए युवाओं को बेहतर शिक्षा और आगे बढ़ने के अवसर उपलब्ध कराने की कोशिश की। अखिलेश यादव ने भरोसा दिलाया कि समाजवादी पार्टी विश्वविद्यालय से जुड़े सपने को पूरा करने के लिए हर संभव प्रयास करेगी। उन्होंने शिक्षा को समाज के विकास का महत्वपूर्ण आधार बताते हुए कहा कि युवाओं को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देना किसी भी सरकार की प्राथमिकता होनी चाहिए। उनके बयान से स्पष्ट हुआ कि समाजवादी पार्टी जौहर विश्वविद्यालय के मुद्दे को राजनीतिक और शैक्षणिक, दोनों दृष्टिकोणों से महत्वपूर्ण मानती है।
गौरतलब है कि आजम खान पिछले कई वर्षों से विभिन्न कानूनी मामलों का सामना करते रहे हैं। उनके खिलाफ जमीन पर कब्जे, जौहर विश्वविद्यालय से जुड़े विवादों और अन्य आरोपों को लेकर मामले दर्ज किए गए थे। इन मामलों में हुई कानूनी कार्रवाई के चलते उन्हें जेल भी जाना पड़ा। जौहर विश्वविद्यालय को लेकर कानूनी और प्रशासनिक विवाद लंबे समय से चर्चा में रहे हैं। समाजवादी पार्टी इन मामलों को लगातार राजनीतिक बहस का हिस्सा बनाती रही है और आजम खान के खिलाफ हुई कार्रवाई पर सवाल उठाती रही है। रामपुर दौरे के दौरान अखिलेश यादव ने एक बार फिर इन मुद्दों को उठाकर भाजपा सरकार की नीतियों पर निशाना साधा। उनकी इस मुलाकात और बयानों को आजम खान के समर्थन तथा शिक्षा, सामाजिक न्याय और राजनीतिक जवाबदेही से जुड़े मुद्दों पर सपा के रुख के रूप में देखा जा रहा है।

