उत्तराखंड के नरेंद्र नगर में आयोजित सांस्कृतिक मेले में गायक दलेर मेहंदी को सार्वजनिक रूप से फटकारे जाने का मामला अब काफी बढ़ गया है। इस विवाद के सामने आने के बाद कई प्रमुख हस्तियों ने दलेर मेहंदी के पक्ष में अपनी आवाज बुलंद की है। राजपाल यादव, अनुपम खेर, कपिल शर्मा और बादशाह जैसे कलाकारों के बाद अब FWICE भी दलेर मेहंदी के समर्थन में उतर आया है। संगठन ने सीधे देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को एक पत्र लिखकर इस पूरे मामले में हस्तक्षेप करने की गुहार लगाई है। FWICE ने उत्तराखंड सरकार के कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल के इस व्यवहार पर गंभीर चिंता जताई है। उन्होंने प्रधानमंत्री से मांग की है कि वह जनप्रतिनिधियों को कलाकारों के प्रति अधिक संवेदनशील रहने की सलाह दें।
दलेर मेहंदी की सेहत और जीवनशैली का हवाला देते हुए अपमान पर जताई नाराजगी
FWICE ने अपने आधिकारिक पत्र में कहा कि किसी कलाकार की प्रस्तुति या शारीरिक स्थिति पर चिंता होना एक स्वाभाविक बात हो सकती है। हालांकि, संगठन का मानना है कि ऐसी स्थिति को हमेशा बेहद संवेदनशील और सम्मानजनक तरीके से संभालना चाहिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि सार्वजनिक मंचों पर अनुशासन बनाए रखना जरूरी है, लेकिन सबके सामने फटकारना सही नहीं है। किसी भी समस्या या शिकायत को सार्वजनिक रूप से उठाने के बजाय निजी तौर पर बातचीत करके सुलझाना चाहिए था। संगठन ने अपने पत्र की एक प्रति उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को भी भेजी है। FWICE ने प्रधानमंत्री से अधिकारियों को कलाकारों के सम्मान की रक्षा करने का निर्देश देने का अनुरोध किया है।
अपने पत्र में FWICE ने दलेर मेहंदी की हाल ही में हुई सर्जरी और स्वास्थ्य समस्याओं का विशेष रूप से उल्लेख किया है। संगठन का तर्क है कि बीमारी से उबर रहे किसी कलाकार की स्थिति पर जल्दबाजी में कोई भी गलत निष्कर्ष नहीं निकालना चाहिए। स्वास्थ्य से जुड़ी किसी भी समस्या को हमेशा सहानुभूति, समझदारी और पेशेवर तरीके से देखा जाना चाहिए। संगठन ने यह भी साफ किया कि दलेर मेहंदी अपनी दिनचर्या में शराब का बिल्कुल भी सेवन नहीं करते हैं। इसलिए उनकी शारीरिक स्थिति के बारे में कोई राय बनाने से पहले सभी परिस्थितियों और तथ्यों को ध्यान में रखना चाहिए था
दलेर मेहंदी के समर्थन में आया FWICE, पीएम मोदी से की हस्तक्षेप की मांग
FWICE ने संगीत जगत में दलेर मेहंदी के बहुमूल्य योगदान को रेखांकित करते हुए उन्हें देश का एक प्रतिष्ठित कलाकार बताया है। संगठन के अनुसार, उनके गानों और यादगार प्रस्तुतियों ने दशकों से कई पीढ़ियों के श्रोताओं का मनोरंजन किया है। इतने वरिष्ठ और लोकप्रिय कलाकार का सार्वजनिक मंच पर अपमान होने से पूरे मनोरंजन उद्योग को गहरा दुख पहुंचा है। इस घटना से उद्योग से जुड़े सभी कर्मचारियों और कलाकारों के बीच काफी नाराजगी और निराशा का माहौल बन गया है। संगठन ने कहा कि कलाकारों की गरिमा और सम्मान की रक्षा करना हर आयोजक की नैतिक जिम्मेदारी है।
यह पूरा विवाद रविवार रात उत्तराखंड के नरेंद्र नगर में सिद्धपीठ मां कुंजापुरी पर्यटन एवं विकास मेले के दौरान शुरू हुआ था। इस राज्यस्तरीय सांस्कृतिक कार्यक्रम में दलेर मेहंदी मुख्य कलाकार के रूप में अपनी प्रस्तुति दे रहे थे। इसी दौरान मंच पर आकर कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल ने दलेर मेहंदी के प्रदर्शन को लेकर सार्वजनिक रूप से अपनी कड़ी नाराजगी जाहिर कर दी। मंत्री के इस अचानक और कठोर व्यवहार के बाद ही यह मामला लगातार तूल पकड़ता जा रहा है। इस घटना के बाद से ही मनोरंजन जगत के कई लोग एकजुट होकर दलेर मेहंदी के सम्मान में खड़े हो गए हैं।

