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    अमेरिका

    अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव ने बुधवार को भारतीय शेयर बाजार पर गहरा असर डाला। बाजार खुलते ही निवेशकों ने जमकर बिकवाली शुरू कर दी, जिससे सेंसेक्स और निफ्टी दोनों दबाव में आ गए। मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव, कमजोर वैश्विक संकेतों और कच्चे तेल की कीमतों में तेजी ने निवेशकों की चिंता बढ़ा दी। शुरुआती कारोबार में ही बाजार में चौतरफा गिरावट देखने को मिली और सेंसेक्स 78,000 के स्तर से नीचे फिसल गया।

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    अमेरिका-ईरान तनाव का बाजार पर सीधा असर, निवेशकों में बढ़ी चिंता

    सुबह करीब 9:15 बजे बीएसई सेंसेक्स 450.80 अंक यानी 0.58 प्रतिशत की गिरावट के साथ 77,729.92 के स्तर पर कारोबार कर रहा था। वहीं, निफ्टी 50 भी 123.40 अंक यानी 0.51 प्रतिशत गिरकर 24,275.30 के स्तर पर पहुंच गया। हालांकि, जैसे-जैसे कारोबार आगे बढ़ा, बाजार में बिकवाली का दबाव और बढ़ गया। दोपहर 2 बजकर 50 मिनट तक सेंसेक्स 1,898.55 अंक यानी 2.43 प्रतिशत गिरकर 76,282.17 के स्तर पर आ गया। वहीं निफ्टी 50 में भी 588.85 अंकों यानी 2.41 प्रतिशत की गिरावट दर्ज हुई और यह 23,809.85 के स्तर पर कारोबार करता दिखा।

    बाजार में इस भारी गिरावट की सबसे बड़ी वजह अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ता तनाव रहा। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा ईरान के साथ हुए अस्थायी संघर्ष विराम के खत्म होने की घोषणा के बाद निवेशकों में अनिश्चितता बढ़ गई। इसके अलावा मिडिल ईस्ट में तनाव के कारण कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल आया, जिससे भारतीय बाजार का सेंटीमेंट कमजोर हुआ। अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब्रेंट क्रूड करीब 3 प्रतिशत बढ़कर 76.39 डॉलर प्रति बैरल और डब्ल्यूटीआई क्रूड 3 प्रतिशत से अधिक चढ़कर 72.72 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया। अमेरिका के टेक शेयरों में गिरावट और एशियाई बाजारों के कमजोर रुख ने भी भारतीय निवेशकों की चिंता बढ़ाई।

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    दोपहर तक बढ़ी गिरावट, सेंसेक्स 1800 अंक से ज्यादा टूटा

    इस गिरावट का असर कई सेक्टरों पर देखने को मिला। ऑयल एंड गैस सेक्टर में सबसे ज्यादा दबाव रहा और इसमें 1 प्रतिशत से अधिक की गिरावट दर्ज हुई। इसके अलावा मीडिया, पीएसयू बैंक, रियल्टी, सीमेंट, मेटल, ऑटो और एफएमसीजी इंडेक्स भी कमजोर रहे। कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों के कारण तेल कंपनियों और एयरलाइंस शेयरों में भारी बिकवाली हुई। भारत पेट्रोलियम के शेयरों में 4.22 प्रतिशत, हिंदुस्तान पेट्रोलियम में 4.08 प्रतिशत और इंडियन ऑयल में 3.31 प्रतिशत की गिरावट आई। वहीं, बढ़ती लागत की आशंका से इंटरग्लोब एविएशन और स्पाइसजेट के शेयर भी दबाव में रहे।

    हालांकि, बाजार में कुछ सेक्टरों ने गिरावट के बीच मजबूती दिखाई। फार्मा और आईटी सेक्टर के शेयरों में खरीदारी देखने को मिली। निफ्टी फार्मा इंडेक्स 0.73 प्रतिशत चढ़ा, जबकि आईटी सेक्टर में करीब 0.25 प्रतिशत की बढ़त दर्ज हुई। सेंसेक्स के प्रमुख शेयरों में सन फार्मा, एचसीएल टेक, इन्फोसिस, टीसीएस, पावर ग्रिड और टेक महिंद्रा में तेजी रही। दूसरी ओर इंडिगो, एशियन पेंट्स, मारुति सुजुकी, एमएंडएम, बजाज फाइनेंस, एचयूएल, अल्ट्राटेक सीमेंट, एसबीआई, एलएंडटी, कोटक महिंद्रा बैंक, टाटा स्टील और भारती एयरटेल जैसे शेयरों में गिरावट देखी गई। बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, जब तक वैश्विक स्तर पर भू-राजनीतिक तनाव कम नहीं होता और कच्चे तेल की कीमतों में स्थिरता नहीं आती, तब तक बाजार में उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है।

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