इंडिया गठबंधन आज चुनाव आयोग कार्यालय तक विरोध मार्च निकालने की तैयारी कर रहा है। विपक्षी दल वोट चोरी के आरोपों को लेकर मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ प्रदर्शन करेंगे। गठबंधन के उन्नीस दलों के नेता और सांसद इस मार्च में शामिल होने के लिए आज दिल्ली पहुंचेंगे। मंगलवार को सभी सांसद संसद के मकर द्वार पर एकत्र होकर विरोध मार्च शुरू करेंगे और इसके बाद पैदल मार्च करते हुए निर्वाचन आयोग के कार्यालय निर्वाचन सदन तक पहुंचेंगे। पुलिस सांसदों को मार्च के दौरान कहां तक जाने देगी, इसका फैसला मौके पर ही होगा। समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव भी मार्च में शामिल होने के लिए आज दिल्ली पहुंच रहे हैं, जबकि सपा के कई सांसद पहले ही दिल्ली पहुंचकर प्रदर्शन की तैयारियों में जुट गए हैं।
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इंडिया गठबंधन का चुनाव आयोग के खिलाफ अभियान
कांग्रेस चाहती है कि आम आदमी पार्टी और डीएमके भी इस मार्च में शामिल हों। कांग्रेस ने दोनों दलों को न्योता भेजा था, लेकिन डीएमके ने इसमें शामिल होने से इनकार कर दिया। कांग्रेस ने शीतकालीन सत्र तक चुनाव आयोग के खिलाफ आंदोलन जारी रखने की योजना बनाई है और पार्टी चाहती है कि यह मुद्दा आगामी विधानसभा चुनावों तक राजनीतिक बहस में बना रहे। इसके तहत 10 से 20 अक्टूबर तक ब्लॉक स्तर पर ‘वोट बचाओ, देश बचाओ’ अभियान चलाया जाएगा, जिसमें कार्यकर्ता साइकिल और बाइक यात्राएं निकालकर लोगों के बीच लगातार पर्चे बांटेंगे।
कांग्रेस कार्यकर्ता कई जगह मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के पुतले जलाकर भी अपना विरोध दर्ज कराएंगे। 25 अक्टूबर से 25 नवंबर तक बूथ स्तर पर ‘वोट बचाओ, देश बचाओ’ चौपाल आयोजित की जाएगी। इसके अलावा, 1 नवंबर को दिल्ली के रामलीला मैदान में कांग्रेस बड़ी रैली आयोजित करने वाली है। 25 और 26 नवंबर को छह यात्राएं दिल्ली पहुंचेंगी, जिसके बाद संसद में इस मुद्दे को उठाया जाएगा। विपक्ष सुप्रीम कोर्ट में चल रही सुनवाई पर भी नजर रखेगा, जहां चुनाव आयोग को लेकर बहस जारी है। अदालत ने आयोग को नोटिस जारी किया है, हालांकि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर अब तक कोई कार्रवाई नहीं की गई है।
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