मुंबई में टाइगर श्रॉफ की कार पर हुई फायरिंग के मामले में पुलिस ने कई चौंकाने वाले खुलासे किए हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक, शूटर्स का असली निशाना बॉलीवुड अभिनेता सलमान खान थे, जबकि टाइगर श्रॉफ उनके दूसरे विकल्प बने। पुलिस ने इस मामले में राजस्थान के कोटा से तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया और बाद में मुंबई पुलिस को सौंप दिया। हिंदुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, सूत्रों ने बताया कि हमलावरों ने पहले बांद्रा स्थित सलमान खान के घर की रेकी की थी। हालांकि, वहां कड़ी सुरक्षा देखकर वे कथित तौर पर हमला करने की योजना आगे नहीं बढ़ा सके। इसके बाद गिरोह ने किसी आसान निशाने की तलाश शुरू की और कथित तौर पर टाइगर श्रॉफ को चुना। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, हमलावरों को सोशल मीडिया पोस्ट से पता चला कि टाइगर श्रॉफ हर रविवार जुहू के पुष्पा नरसी ग्राउंड में फुटबॉल खेलते हैं।
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सलमान खान को धमकी, बिश्नोई गैंग की जांच जारी
रिपोर्ट के अनुसार, शूटर्स ने अभिनेता की गतिविधियों पर नजर रखी और उनकी कार गेट से बाहर निकलते ही गोलियां चला दीं। इस घटना में टाइगर श्रॉफ बाल-बाल बच गए। जांचकर्ताओं के अनुसार, दो शूटर्स ने कथित तौर पर फायरिंग की, जबकि उनका एक साथी बाइक लेकर भागने के लिए तैयार था। पुलिस अब आरोपियों के मोबाइल फोन की जांच कर रही है, ताकि रेकी और कथित साजिश से जुड़ी जानकारी मिल सके। अधिकारियों ने कहा कि सलमान खान के घर की निगरानी का मकसद अभी स्पष्ट नहीं हुआ है।
इस मामले में लॉरेंस बिश्नोई गैंग का नाम भी सामने आया है। सोशल मीडिया पर वायरल एक कथित पोस्ट में अनिल पंडित और हरमन संधू ने हमले की जिम्मेदारी लेने का दावा किया। पोस्ट में सलमान खान के साथ काम करने वाले लोगों को धमकी भी दी गई। हालांकि, पुलिस इस पोस्ट की प्रामाणिकता और आरोपियों के कथित संबंधों की जांच कर रही है। सलमान खान और बिश्नोई समुदाय के बीच विवाद की पृष्ठभूमि 1998 के काले हिरण शिकार मामले से जुड़ी है। राजस्थान में फिल्म की शूटिंग के दौरान हुई इस घटना ने लंबे समय से विवाद को जन्म दिया है।
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