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    ईरान के लिए यह जंग अब सीधे उसकी सबसे बड़ी रणनीतिक ताकत स्ट्रेट ऑफ होर्मुज तक पहुंच गई है। इसी जलडमरूमध्य में स्थित केशम आईलैंड से होकर जहाज गुजरते हैं और IRGC की अनुमति के बाद ही आगे बढ़ते हैं। अब अमेरिका ने इसी केशम आईलैंड को निशाना बनाया है।

    अमेरिका और इजरायल ने केशम द्वीप पर हवाई हमले किए। सैटेलाइट तस्वीरों ने पुष्टि की कि हमलों के बाद बंदरगाह के बुनियादी ढांचे को नुकसान पहुंचा। रॉयटर्स ने कोपरनिकस सेंटिनल-2 की तस्वीरों के आधार पर बताया कि गुरुवार को बंदरगाह क्षेत्र से धुआं उठता दिखाई दिया। एजेंसी ने पहले से मौजूद फाइल तस्वीरों और सैटेलाइट डेटा से मिलान कर स्थान की पुष्टि की।

    सैटेलाइट तस्वीरों में केशम पोर्ट को नुकसान की पुष्टि

    क़ेशम फ्री ज़ोन के अधिकारियों ने स्वीकार किया कि बहमन कमर्शियल बंदरगाह और दोहा मछली पकड़ने वाले घाट के कुछ हिस्सों को नुकसान पहुंचा। अधिकारियों के मुताबिक 1 अप्रैल की शाम से 2 अप्रैल की दोपहर के बीच हमलावरों ने केशम पोर्ट के बुनियादी ढांचे को निशाना बनाया। जारी सैटेलाइट तस्वीरों में बंदरगाह के किनारे का हिस्सा क्षतिग्रस्त दिखाई देता है और वहां से धुएं का गुबार उठता नजर आता है।

    विमान गिराने के दावे पर ईरान-अमेरिका आमने-सामने

    हालांकि ईरान ने अलग दावा किया। इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड्स कॉर्प्स (IRGC) ने कहा कि ईरानी एयर डिफेंस सिस्टम ने केशम द्वीप के ऊपर दुश्मन के एक लड़ाकू विमान को मार गिराया। सरकारी मीडिया प्रेस टीवी ने इस दावे से जुड़ी तस्वीरें भी जारी कीं। इसके जवाब में अमेरिका ने दावा खारिज करते हुए कहा कि उसके किसी भी फाइटर जेट को नुकसान नहीं पहुंचा और ईरान झूठ बोल रहा है। अमेरिका ने आरोप लगाया कि IRGC पहले भी कई बार गलत दावे कर चुका है। ईरान ने अपने दावे के समर्थन में एक वीडियो भी साझा किया, जिसमें एक विमान गिरता हुआ दिखता है।

    केशम आईलैंड ईरान के लिए गर्व और रणनीतिक नियंत्रण का केंद्र है। लरक और केशम आईलैंड के बीच से गुजरने वाले जहाजों से ईरान टोल टैक्स वसूलता है। जहाजों को इस रूट से गुजरने के लिए ईरानी अधिकारियों से मंजूरी लेनी पड़ती है। ईरान केवल उन्हीं देशों के जहाजों को अनुमति देता है, जिनसे उसके संबंध अच्छे हैं। कुछ तेल टैंकरों से कथित तौर पर 20 लाख डॉलर तक का टोल वसूला जाता है।

    ट्रंप की खुली चेतावनी, रणनीतिक केशम पर बढ़ा दांव

    इस बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को कड़ी चेतावनी दी। उन्होंने कहा कि अगर ईरान समझौता नहीं करता, तो अमेरिका उसके सभी बुनियादी ढांचे को ध्वस्त कर देगा। ट्रंप ने दावा किया कि अमेरिका ने ईरान के सबसे बड़े पुल को भी तबाह कर दिया है और आगे भी कार्रवाई जारी रहेगी।

    558 वर्ग मील में फैला केशम आईलैंड मुख्य भूमि ईरान से अलग स्थित है। ईरान ने यहां एक भूमिगत मिसाइल “शहर” भी विकसित किया है, जिसका इस्तेमाल जलमार्ग से गुजरने वाले जहाजों को निशाना बनाने के लिए किया जाता है। शांति के समय यह द्वीप पर्यटन का केंद्र बनता है, जहां नमक की गुफाएं और ऐतिहासिक किले मौजूद हैं। वर्ष 1863 तक रॉयल इंडियन नेवी ने भी इस द्वीप से संचालन किया था।

    अब होर्मुज का यह रणनीतिक क्षेत्र सीधे युद्ध की जद में आ गया है और इससे पूरे मध्य पूर्व में तनाव और बढ़ने की आशंका है।

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    One thought on “ईरान-अमेरिका टकराव गहराया: होर्मुज से केशम तक जंग की आग”

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