बुधवार को घरेलू और अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने और चांदी की कीमतों में बड़ी गिरावट दर्ज की गई। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर सोना ₹2,500 से ज्यादा टूट गया, जबकि चांदी ₹4,500 से अधिक सस्ती हो गई। वैश्विक बाजार में कमजोर संकेतों और डॉलर की मजबूती का असर भारतीय सर्राफा बाजार पर साफ दिखाई दिया। निवेशकों में बढ़ती चिंता और अंतरराष्ट्रीय आर्थिक दबाव के कारण दोनों कीमती धातुओं में बिकवाली तेज हो गई। लगातार तीसरे कारोारी दिन कीमतों में गिरावट से खरीदारों को राहत मिली, जबकि निवेशकों की चिंता बढ़ गई।
एमसीएक्स पर सोना-चांदी की कीमतों में बड़ी गिरावट
बुधवार सुबह बाजार खुलते ही सोना और चांदी दोनों दबाव में कारोबार करते दिखाई दिए। MCX पर अगस्त फ्यूचर कॉन्ट्रैक्ट वाला सोना ₹2,517 गिरकर ₹1,49,926 प्रति 10 ग्राम पर खुला। पिछले कारोबारी सत्र में यह ₹1,52,443 के स्तर पर बंद हुआ था। वहीं जुलाई फ्यूचर कॉन्ट्रैक्ट वाली चांदी ₹4,519 टूटकर ₹2,34,009 प्रति किलोग्राम पर पहुंच गई। पिछले सत्र में चांदी ₹2,38,528 प्रति किलो पर बंद हुई थी। बाजार विशेषज्ञों के अनुसार अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बढ़ती अनिश्चितता ने निवेशकों का रुझान कमजोर कर दिया है।
अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी सोने की कीमतें करीब 11 हफ्तों के निचले स्तर पर पहुंच गई हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव ने वैश्विक बाजार में अस्थिरता बढ़ा दी है। भू-राजनीतिक तनाव के चलते कच्चे तेल की कीमतों में तेजी आई, जिससे महंगाई बढ़ने की आशंका गहरा गई। इसके कारण दुनियाभर के केंद्रीय बैंक ब्याज दरों को लंबे समय तक ऊंचा बनाए रख सकते हैं। निवेशकों ने सुरक्षित निवेश की रणनीति बदलते हुए सोने में बिकवाली शुरू कर दी, जिससे कीमतों में तेज गिरावट देखने को मिली।
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अंतरराष्ट्रीय बाजार में कमजोरी से टूटा गोल्ड और सिल्वर बाजार
इंटरनेशनल मार्केट में हाजिर सोना 1.8 प्रतिशत गिरकर 4,187.59 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गया। यह स्तर 23 मार्च के बाद का सबसे निचला स्तर माना जा रहा है। वहीं अमेरिकी सोना वायदा भी 1.7 प्रतिशत टूटकर 4,213.40 डॉलर प्रति औंस पर आ गया। चांदी की कीमतों में भी गिरावट जारी रही और हाजिर चांदी 1.5 प्रतिशत गिरकर 64.43 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गई। डॉलर की मजबूती के कारण अन्य देशों के खरीदारों के लिए सोना खरीदना महंगा हो गया, जिससे वैश्विक मांग में कमी आई।
विशेषज्ञों का कहना है कि अगर अंतरराष्ट्रीय बाजार में दबाव बना रहा तो आने वाले दिनों में भी सोना-चांदी सस्ते रह सकते हैं। हालांकि शादी और त्योहारों के सीजन को देखते हुए घरेलू बाजार में मांग बढ़ने की संभावना बनी हुई है। कीमतों में आई गिरावट से आम खरीदारों और ज्वेलरी खरीदने वालों को राहत मिली है। निवेशक फिलहाल अमेरिकी आर्थिक नीतियों, डॉलर इंडेक्स और वैश्विक तनाव पर नजर बनाए हुए हैं। आने वाले दिनों में अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रम ही सोना और चांदी की कीमतों की दिशा तय करेंगे।


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