जयपुर के बगरू गांव में ग्रामीणों ने सह-संयोजक आशुतोष रांका समेत टीम का विरोध किया। ग्रामीणों ने स्कूल निरीक्षण के लिए पहुंचे CJP कार्यकर्ताओं को सीधे बाहर जाने मजबूर किया। CJP नेताओं ने आरोप लगाया कि ग्रामीणों ने रांका और साथियों के साथ धक्का-मुक्की की। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल होने के बाद विवाद बढ़ा। रांका टीम के साथ सरकारी स्कूल की सुविधाओं और भवन की स्थिति देखने पहुंचे थे। उन्होंने आरोप लगाया कि गांव का सरकारी स्कूल बेहद जर्जर हालत में पहुंच चुका है। रांका ने कहा कि खराब व्यवस्थाओं से बच्चों को परेशानियों का सामना करना पड़ता है।
ग्रामीणों के विरोध और धक्का-मुक्की के आरोपों से गरमाया मामला
इसी मुद्दे पर उन्होंने स्कूल का निरीक्षण करने और वास्तविक स्थिति जानने की योजना बनाई। शुक्रवार सुबह रांका और साथी बगरू गांव पहुंचे, तभी ग्रामीणों ने उनका विरोध शुरू किया। ग्रामीणों ने मुख्य रास्ते पर कथित घेराबंदी करके वाहनों की जांच भी शुरू की थी। CJP कार्यकर्ताओं के पहुंचते ही ग्रामीणों ने रास्ता रोककर विरोध कराया और जाने को कहा। CJP कार्यकर्ता शिवांगी शर्मा ने ग्रामीणों पर कार्यकर्ताओं के साथ हमला करने का आरोप लगाया। शर्मा ने कहा कि ग्रामीणों ने कार्यकर्ताओं को आतंकवादी और नक्सली भी बताया था।
उन्होंने सवाल उठाया कि बाहरी और भीतरी की बात आखिर क्यों की जा रही है। शर्मा ने कहा कि कार्यकर्ता देश के बच्चों की समस्याएं उठाने के लिए गांव पहुंचे। उनके मुताबिक कार्यकर्ता किसी दूसरी पार्टी या दूसरे देश से यहां कभी नहीं आए थे। इस घटना ने सरकारी स्कूलों के निरीक्षण और सार्वजनिक पहुंच को लेकर नई बहस छेड़ी। राजस्थान शिक्षा विभाग ने सरकारी स्कूलों में मीडिया और लोगों की एंट्री रोक दी है। ऐसे में स्कूल निरीक्षण को लेकर CJP और ग्रामीणों के बीच टकराव महत्वपूर्ण बन गया। अब प्रशासन को जानकारी जुटाकर धक्का-मुक्की और विरोध के आरोपों की जांच करनी होगी तुरंत।
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