दिल्ली-NCR में सोमवार को हुई मूसलाधार बारिश ने पिछले कई दिनों से उमस भरी गर्मी झेल रहे लोगों को बड़ी राहत दी। तेज बारिश के कारण राजधानी के कई इलाकों में जलभराव की स्थिति बन गई और लोगों को यातायात संबंधी परेशानियों का सामना करना पड़ा। कनॉट प्लेस, संगम विहार, द्वारका और दुर्गा विहार समेत कई इलाकों में तीन से चार फीट तक पानी भर गया। इससे कई वाहन सड़कों पर फंस गए और कई जगहों पर लंबा जाम लग गया। मौसम विभाग के अनुसार, जनकपुरी में सबसे ज्यादा 67 मिलीमीटर बारिश दर्ज हुई। इसके अलावा छतरपुर में 57, पीतमपुरा में 35 और सफदरजंग में 29 मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड की गई।
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दो मौसम प्रणालियों के कारण हुई तेज बारिश
मौसम विभाग के वैज्ञानिक डॉ. शशिकांत ने दिल्ली में अचानक हुई तेज बारिश के पीछे दो प्रमुख कारण बताए। उनके मुताबिक, उत्तर दिशा से दिल्ली की ओर आने वाली मॉनसूनी हवाएं बारिश के लिए अनुकूल माहौल बना रही हैं। इसी दौरान पश्चिम बंगाल के आसपास बने लो प्रेशर एरिया ने भी मौसम को प्रभावित किया। इस सिस्टम के कारण बंगाल की खाड़ी से नमी लेकर आने वाली पूर्वी हवाएं दिल्ली तक पहुंच रही हैं। जब इन नम हवाओं और उत्तर दिशा से आने वाली मॉनसूनी हवाओं के बीच इंटरैक्शन हुआ, तो दिल्ली में तेज बारिश का दौर शुरू हो गया। यही वजह है कि कुछ समय पहले तक उमस से परेशान राजधानी में अचानक भारी बारिश देखने को मिली।
मौसम में इस तरह का अचानक बदलाव क्लाइमेट चेंज के असर की ओर भी इशारा करता है। इस साल दक्षिण-पश्चिम मॉनसून के दौरान दिल्ली में बारिश का पैटर्न काफी अनियमित रहा है। कई बार कुछ दिनों तक बारिश नहीं होती और वातावरण में नमी लगातार बढ़ती रहती है। इसके बाद अचानक बहुत तेज बारिश होती है और कम समय में बड़ी मात्रा में पानी बरस जाता है। मौसम विशेषज्ञ इस बदलते पैटर्न को जलवायु परिवर्तन से जोड़ रहे हैं। जुलाई से अगस्त के बीच दिल्ली में उमस भरी गर्मी ने भी लोगों की परेशानी बढ़ाई। लंबे समय तक बारिश नहीं होने और तापमान बढ़ने से हवा में नमी बढ़ी, जिससे लोगों को सामान्य तापमान के बावजूद ज्यादा गर्मी महसूस हुई।
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बारिश के पैटर्न में दिख रहा बदलाव
सोमवार की बारिश ने दिल्ली के साथ-साथ एनसीआर के कई हिस्सों को भी प्रभावित किया। फरीदाबाद में 54 मिलीमीटर और गुरुग्राम में 52 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। तेज बारिश के चलते कई सड़कों पर पानी भर गया और यातायात की रफ्तार धीमी पड़ गई। हालांकि, बारिश के बाद तापमान में गिरावट आई और लोगों को उमस से काफी राहत मिली। पिछले कई दिनों से गर्मी और चिपचिपाहट झेल रहे दिल्लीवासियों ने बारिश के बाद राहत महसूस की। मॉनसून के दौरान दिल्ली में इस तरह के मौसम बदलाव ने एक बार फिर बारिश के असमान वितरण और बदलते मौसम पैटर्न पर ध्यान खींचा है।
मौसम विभाग के मुताबिक, दिल्ली में अगले दो दिनों के दौरान मौसम में ज्यादा सक्रियता देखने को नहीं मिलेगी। 25 अगस्त को आसमान में आंशिक रूप से बादल छाए रह सकते हैं और दोपहर के समय बहुत हल्की बारिश होने की संभावना है, लेकिन तेज बारिश के आसार नहीं हैं। 26 अगस्त को भी आंशिक रूप से बादल छाए रहेंगे, जबकि बारिश की संभावना कम रहेगी। ऐसे में सोमवार की भारी बारिश के बाद दिल्ली-NCR के लोगों को फिलहाल थोड़ी राहत मिल सकती है। हालांकि, बदलते मॉनसूनी पैटर्न के कारण आने वाले दिनों में मौसम फिर तेजी से करवट ले सकता है।
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