महाराष्ट्र में तेजी से लोकप्रिय हो रहे ‘DJ लावणी’ कार्यक्रमों को लेकर सरकार ने नियम सख्त कर दिए हैं। कई स्थानों से शिकायतें मिलने के बाद राज्य स्टेज परफॉर्मेंस सेंसरशिप बोर्ड ने सार्वजनिक मनोरंजन कार्यक्रमों की निगरानी बढ़ाने का फैसला किया है। अब आयोजकों को लावणी या अन्य लोक कला कार्यक्रम आयोजित करने से पहले सूटेबिलिटी सर्टिफिकेट लेना होगा। इस प्रमाणपत्र के बिना पुलिस कार्यक्रम को अनुमति नहीं देगी। सरकार का यह कदम खासतौर पर उन आयोजनों पर नजर रखने के लिए उठाया गया है, जिनमें पारंपरिक लावणी के नाम पर आपत्तिजनक या अश्लील प्रस्तुतियां होने की शिकायतें सामने आई हैं।
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महाराष्ट्र में ‘DJ लावणी’ शो के लिए अब सर्टिफिकेट जरूरी
बोर्ड ने पुलिस महानिदेशक, पुलिस आयुक्तों और पुलिस अधीक्षकों को निर्देश जारी कर नियमों का पालन सुनिश्चित करने को कहा है। आयोजकों को प्रमाणपत्र हासिल करने के लिए कार्यक्रम की स्क्रिप्ट, उद्घोषणा या प्रस्तुति का संक्षिप्त विवरण देना होगा। इसके जरिए अधिकारी पहले से जान सकेंगे कि कलाकार मंच पर किस तरह की प्रस्तुति देंगे। पुलिस अब नाटक, एकांकी, लोकनाट्य, तमाशा, लावणी, लोक संगीत और मेलों जैसे सार्वजनिक कार्यक्रमों को अनुमति देने से पहले जरूरी प्रमाणपत्र की जांच करेगी।
बोर्ड के मुताबिक, कुछ आयोजक पारंपरिक लावणी कार्यक्रमों के लिए मिले प्रमाणपत्र का कथित तौर पर गलत इस्तेमाल कर रहे थे। शिकायतों में आरोप लगाया गया कि लावणी के नाम पर महिला डांस कलाकारों वाले कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं, लेकिन उनमें पारंपरिक प्रस्तुति के बजाय फिल्मी गाने, DJ म्यूजिक और कथित अश्लील डांस शामिल होते हैं। बोर्ड ने साफ किया है कि केवल प्रमाणपत्र हासिल कर लेना आयोजकों को नियमों से छूट नहीं देगा। अगर कलाकार स्वीकृत सामग्री की सीमा से बाहर जाकर प्रस्तुति देते हैं, तो आयोजकों के खिलाफ कार्रवाई की जा सकती है।
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लावणी के नाम पर अश्लीलता रोकने की तैयारी
लावणी महाराष्ट्र की प्रसिद्ध पारंपरिक लोक कलाओं में शामिल है। इसमें संगीत, कविता, नृत्य और अभिनय के जरिए अलग-अलग सामाजिक और सांस्कृतिक विषयों को प्रस्तुत किया जाता है। पारंपरिक लावणी में कलाकार ढोलकी और अन्य वाद्यों की संगत पर प्रस्तुति देते हैं तथा नौवारी साड़ी जैसी पारंपरिक वेशभूषा का इस्तेमाल करते हैं। इसके विषयों में सामाजिक संदेश, भक्ति, हास्य, व्यंग्य और श्रृंगार शामिल रहे हैं। वहीं, आधुनिक ‘DJ लावणी’ ने पारंपरिक शैली में DJ बीट्स, फिल्मी गीत और आधुनिक मंचीय प्रस्तुति को जोड़ दिया है।
सरकार का नया फैसला ऐसे समय आया है जब त्योहारों और मेलों के दौरान लावणी और DJ आधारित कार्यक्रमों की संख्या बढ़ जाती है। प्रशासन अब इन आयोजनों की सामग्री पर पहले से नजर रखेगा और अनुमति देने से पहले दस्तावेजों की जांच करेगा। इस कदम का उद्देश्य लोक कला के नाम पर होने वाली आपत्तिजनक प्रस्तुतियों पर नियंत्रण रखना है। साथ ही, सरकार पारंपरिक लावणी की सांस्कृतिक पहचान को बनाए रखने पर भी जोर दे रही है। आयोजकों को अब कार्यक्रम की प्रकृति स्पष्ट करनी होगी और बोर्ड से मंजूरी मिलने के बाद ही सार्वजनिक मंच पर प्रस्तुति आयोजित करनी होगी।
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