प्रयागराज के फाफामऊ इलाके में सोमवार को एक बड़ा हादसा हुआ, जब एक कोल्ड स्टोरेज की दीवार अचानक भरभराकर गिर गई, जिसमें अब तक 9 मजदूरों की मौत हो गई। हादसे के समय कई मजदूर अंदर काम कर रहे थे और मलबे में दब गए, जिससे इलाके में अफरा-तफरी मच गई। सूचना मिलते ही पुलिस और राहत दल मौके पर पहुंचकर बचाव कार्य में जुट गए। बताया जा रहा है कि यह कोल्ड स्टोरेज चांदपुर के पूर्व विधायक का है। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, दीवार गिरने से पहले तेज धमाके जैसी आवाज सुनाई दी, जिसके बाद पूरी दीवार अचानक ढह गई।
प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक हादसे की वजह अमोनिया गैस की पाइप फटना बताई जा रही है, जिसके बाद गैस का तेज रिसाव शुरू हो गया और हालात और गंभीर हो गए। गैस फैलने से आसपास के इलाके में दहशत फैल गई और लोगों में भगदड़ जैसी स्थिति बन गई। बताया जा रहा है कि हादसे के समय करीब 20 मजदूर कोल्ड स्टोरेज के अंदर काम कर रहे थे, जिनमें से कई दीवार गिरने के बाद मलबे में दब गए। राहत और बचाव टीमों ने मौके पर पहुंचकर फंसे मजदूरों को निकालने का काम शुरू किया। प्रशासन ने आसपास के क्षेत्र को खाली कराया और हालात पर नजर रखी जा रही है। वहीं, घायलों को नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
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प्रयागराज हादसा: पथराव और हंगामे के बीच रेस्क्यू ऑपरेशन जारी
हादसे के बाद मौके पर पहुंची बचाव और रेस्क्यू टीमों के दौरान गुस्साए ग्रामीणों ने एंबुलेंस पर पथराव कर दिया और पुलिस के साथ तीखी नोकझोंक भी हुई, जिससे कुछ देर के लिए स्थिति तनावपूर्ण हो गई। अब तक 9 शव बरामद किए जा चुके हैं, जबकि जेसीबी मशीनों की मदद से मलबा हटाकर राहत और बचाव कार्य लगातार जारी है। प्रयागराज के पुलिस कमिश्नर जोगिंदर कुमार और डीएम मनीष वर्मा मौके पर पहुंचकर हालात का जायजा ले रहे हैं और अधिकारियों को तेजी से रेस्क्यू ऑपरेशन चलाने के निर्देश दिए हैं। प्रशासन ने इलाके में सुरक्षा बढ़ा दी है और स्थिति पर नजर बनाए हुए है।
घायलों को स्वरूप रानी अस्पताल (SRN) में भर्ती कराया गया है, जहां कई की हालत नाजुक बनी हुई है। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार हादसे के समय लंच ब्रेक चल रहा था और मजदूर खाना खाकर आराम कर रहे थे, तभी अचानक बिल्डिंग ढह गई, जिससे अंदर मौजूद लोग बाहर नहीं निकल सके। फिलहाल मलबे में दबे लोगों को निकालने का काम तेजी से जारी है और एसडीआरएफ व एनडीआरएफ की टीमें मौके पर तैनात हैं। अमोनिया गैस के रिसाव से इलाके में तेज बदबू फैली हुई है, जिसके चलते लोग मुंह पर कपड़ा बांधकर रह रहे हैं और रेस्क्यू ऑपरेशन में भी दिक्कतें आ रही हैं। प्रशासन ने हालात को काबू में करने के लिए अतिरिक्त संसाधन लगाए हैं और लगातार निगरानी की जा रही है।
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